महालक्ष्मी व्रत पर इस विधि से करें धन की देवी की आराधना, पूरी होगी सारी मनोकामना
Mahalaxmi Vrat 2018: 17 सितंबर 2018 से आरम्भ होने वाले महालक्ष्मी व्रत का आज यानि 2 अक्टूबर का आखिरी दिन है। हिन्दू पंचांग के यह व्रत अनुसार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होकर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि तक चलता है।
धन की देवी मां लक्ष्मी का यह फलदायी व्रत पूरे 16 दिनों तक चलता है। यह व्रत काफी शुभ माना जा है क्योंकि इसे पूरे विधि विधान से रखने से घर में सुख शांति और धन की वर्षा होती है। मान्यता यह भी है कि इस व्रत को जो भी महिला रखती है उसके घर में कभी कलह नहीं होती।
महालक्ष्मी व्रत का महत्व:
इस व्रत को रखने से धन लाभ तो होता ही है साथ में परिवरजन की सेहत पर भी अच्छा असर पड़ता है। बहुत सी महिलाएं इसे पूरे 16 दिन रखती हैं मगर कुछ के लिए यह थोड़ा मुश्किल मामला होता है जिस कारण वह इसे मात्र 3 दिन के लिए रखती है। मगर व्रत का आखिरी दिन काफी महत्वपूर्ण और फलदायी माना जाता है। इस व्रत में भोजन नहीं करना चाहिए बल्कि फल का सेवन करना चाहिए।
पूजा करने की विधि-
इस व्रत की एक खास पूजा विधि है। इसमें सबसे पहले पूजा स्थान पर हल्दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें। फिर मूर्ति के सामने श्रीयंत्र, सोने या चांदी के सिक्के तथा फल फूल रखें। इसके बाद मां लक्ष्मी के आठ रूपों का मंत्र जाप करते हुए उन पर कुंकुम, चावल और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें।


