Sharad Purnima 2018 : शरद पूर्णिमा पर चंद्र संबंधी दोष दूर करने के लिए राशि अनुसार करें ये बेहतरीन उपाय
Sharad Purnima 2018, Chandra Dosh ke Upay : कुंडली में राहु और केतु के साथ होने पर चंद्रमा को दोषी कहा जाता है। अगर आपके साथ ऐसा है तो शरद पूर्णिमा पर शिव पूजन जरूर करें।
Sharad Purnima 2018, Chandra Dosh ke Upay : शरद पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में रहते हैं। चंद्रमा से मन, धर्म और आध्यात्म का विचार करते हैं। चंद्रमा जिस अंक पर होता है, उसी से राशि का निर्धारण भी होता है। जन्मकुंडली में लग्न चक्र के अलावा चंद्र कुंडली भी होती है। बता दें कि गोचर सिद्धांत चंद्र कुंडली से ही देखते हैं। ज्योतिष में माना जाता है कि पंचम और नवम भाव में चंद्रमा लग्न बहुत अच्छा परिणाम देता है। यदि यह केंद्र में गुरु के साथ है तो गजकेसरी नाम का राजयोग बनाता है। वहीं नवम भाव का चंद्रमा धर्म और ज्ञान के लिए बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है।
ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज के अनुसार, यदि यही चंद्रमा छठे, आठवें या बारहवें भाव में है तो नकारात्मक प्रभाव देता है। 6ठे भाव का चंद्रमा रोग देता है। अष्टम भाव में उम्र को प्रभावित करेगा और बारहवें व्यय भाव में जातक को बहुत इमोशनल बनाता है। इसलिए ऐसे जातकों को शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा के बीज मंत्र ॐ सों सोमाय नमः का जप करना चाहिए और दूध से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिए।
यदि चंद्रमा कुंडली में कहीं से भी राहु या केतु के साथ स्थित है तो यह दोषपूर्ण माना जायेगा। ऐसी स्थिति में शिव पूजा अत्यंत आवश्यक है। इस परिस्थिति में राहु और केतु के द्रव्यों जैसे कि उड़द, तिल, काला कम्बल इत्यादि का दान करना चाहिए और साथ ही चंद्रमा के बीज मंत्र का जाप करवाना चाहिए। चंद्रमा को ठीक करने का सबसे सहज और सरल उपाय है भगवान शिव की पूजा। ये सारे उपाय शरद पूर्णिमा को करने से लाभ की प्रत्याशा बढ़ जाती है।
चंद्र दोष दूर करने के राशि अनुसार ये हैं शरद पूर्णिमा के उपाय
- मेष : शहद से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं।
- वृष : भगवान शिव का इत्र और गंगाजल से जलाभिषेक करें।
- मिथुन : श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। कुशोदक से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
- कर्क : इस राशि का स्वामी ही चंद्रमा है। चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें।
- सिंह : श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें। शहद और गंगा जल शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- कन्या : श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। दही और गंगा जल भगवान शिव को अर्पित करें।
- तुला : ठाकुर श्री विष्णु जी को तुलसी का पत्ता अर्पित करें। श्री सूक्त का पाठ करें।
- वृश्चिक : मोती की माला धारण करें। भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक कराएं।
- धनु : श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
- मकर : चांदी का चंद्रमा शिवलिंग पर अर्पित करें। सुन्दरकाण्ड का पाठ करें।
- कुंभ : चंद्रमा के बीज मंत्र के साथ साथ शनि के मंत्र का भी जप करें।
- मीन : फलों के रस से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।
इस प्रकार शरद पूर्णिमा पुण्य प्राप्ति का महान अवसर प्रदत्त करती है। अपने भक्ति भाव को श्री हरि चरणों में समर्पण का यह एक सुन्दर अवसर है।


