तीज 02 सितंबर को ही मनाया जाना चाहिए—-

तृतीया 01 सितंबर को08:28 प्रातः लग जायेगी जो कि 02 सितंबर को प्रातः 08:32 तक रहेगी।02 सितंबर को उदया तिथि होने के कारण इसी दिन तीज माना जायेगा।एक तर्क और भी है द्वितीया तिथि के साथ तृतीया तिथि होने पर व्रत पूर्ण नहीं होगा। तृतीया तथा चतुर्थी की युति बहुत श्रेष्ठ होती है।हस्त नक्षत्र में व्रत का पारण नहीं होता है।व्रत का पारण चित्रा में ही होना चाहिए।इसलिए तीज का व्रत 02 सितंबर को ही रखा जाना शास्त्र सम्मत है।



