1मेष-सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।यह समय व्यस्तताओं का है।कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे।किसी मित्र के सहयोग से आपका कोई विशेष् कार्य संपन्न होगा।लाल रंग शुभ है।ससुराल से लाभ की प्राप्ति।शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।भाई के सहयोग से कोई सरकारी कार्य बनेगा।
2वृष-पद और प्रतिष्ठा बनी रहेगी।जीवन पथ पे आने वाली कठिनाइयां समाप्त होंगी। आप एक नयी ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है।किसी कन्या या मिथुन राशि के व्यक्ति का सहयोग लें।शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।राजनीति तथा प्रशासन से संबद्ध लोग अति लाभान्वित होंगे।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।ससुराल से लाभ मिलेगा।
3मिथुन- धन का व्यय बढ़ेगा।किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी।तुला और वृष आपकी मित्र हैं।किसी बड़े नेता से आज मुलाकात हो सकती है।हरा रंग शुभ है।पिता का आशीर्वाद प्राप्त करें।सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।भाई का सहयोग प्राप्त होगा।ब्लड प्रेशर तथा शुगर के मरीज धयान देंगे और सावधानी बरतेंगे।
4कर्क-यश तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि।किसी मीन या धनु राशि से सहयोग मिल सकता है।ये दोनों आपकी मित्र राशियाँ हैं।स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है।छात्र पीले रंग का प्रयोग करें।माता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।धन का आगमन। आपका भाग्य धन प्राप्ति में बहुत सहायक रहेगा।किसी गुप्त शत्रु से कार्य में अनचाही परेशानी आ सकती है।ससुराल का सहयोग प्राप्त होगा।
5सिंह- आपके पास कार्यों की अधिकता रहेगी।धन का व्यय भी कुछ ज्यादा ही रहेगा।कोई बिगड़ा कार्य अकस्मात किसी उच्च अधिकारी के सहयोग से संपन्न हो जायेगा ।पीला और नारंगी आपका प्रिय शुभ रंग है।सूर्य उपासना करते रहें।प्रत्येक रविवार को श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करने से प्रत्येक कार्य में सफलता मिलेगी।
6कन्या-किसी प्रिय मित्र से मुलाकात होगी।राह के शूल भी फूल बनेंगे। आप अपने किसी विशेष कार्य को लेकर परेशान रहेंगे।भाई की सहायता से कोई बड़ी समस्या हल होगी।हरा रंग शुभ है।श्री हनुमान जी का ध्यान करते रहें।गो माता को पालक खिलाएं।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।कोई तुला या वृष राशि का जातक आपको लाभान्वित करेगा।राजनीति में बड़े नेताओं का सहयोग प्राप्त होगा।
7तुला- संघर्ष के बाद सफलता का समय है।किसी कन्या या मिथुन राशि का सहयोग प्राप्त होगा। आपके मन में धार्मिकता और पूजा पाठ के प्रति लगाव बना रहेगा।नीला रंग शुभ है।भाई के सहयोग से कोई सरकारी कार्य हल होगा।धन की प्राप्ति।संतान के विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं समाप्त होगी।
8वृश्चिक-व्यवसाय में सफलता।व्यापार में वृद्धि।किसी मीन या धनु जैसी मित्र राशियों के जातकों का सहयोग।किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई बड़ा कार्य बनेगा।नारंगी रंग शुभ है।बहते जल में नारियल प्रवाहित करें।धन का आगमन होगा।राजनीति में सफलता मिलेगी।शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।
9धनु-आपके पास कोई आय प्राप्ति के नए स्रोत बनेंगे।किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी।भाई के सहयोग से कोई बड़ा कार्य संपन्न होगा।शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति।व्यवसाय वृद्धि।पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।शनि से संबंधित द्रव्यों का दान करें।शिव उपासना करें और प्रत्येक शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें।
10मकर-किसी सरकारी कार्य की सफलता से मन हर्षित रहेगा।व्यवसाय में प्रगति।भाई के सहयोग से कोई बड़े उद्देश्य की प्राप्ति होगी।न्यायिक कार्यो में भी सफलता मिलेगी।नीला रंग शुभ है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।उदर विकार से कष्ट।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।श्री हनुमान जी की पूजा करते रहें।
11कुंभ-सरकारी कार्य बनेगा।किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन हर्षित रहेगा।शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा।नीला रंग शुभ है।गृह कार्यों में व्यस्त रहेंगे।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।प्रत्येक शनिवार को श्री सुंदरकांड का पाठ करें।
12मीन- धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा।स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।बी पी तथा मधुमेह के रोगी अति सावधानी बरतें।छात्रों को नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी।नारंगी रंग शुभ है।पिता का आशीर्वाद लें।आत्मा की आवाज सदैव सत्य होती है।हमें उसी आवाज को ही सुनना चाहिए।सदा सत्य मार्ग पे चलें।श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।
कैरोना के कहर से कब मिलेगी मुक्ति
–सुजीत जी महाराज—
सूर्य ग्रहण यानि 26 दिसंबर 2019 के समय ही ग्रह स्थितियां बहुत प्रतिकूल थीं।उस समय ही हमने एक दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण के संतकबीरनगर संस्करण में किसी प्राकृतिक आपदा का संकेत किया था।मैंने लिखा था कि यह ग्रहण शुभ नहीं है व उद्योग तथा व्यापार जगत के लिये बहुत ही अशुभ है। दरअसल दिसंबर में शनि, गुरु,सूर्य व केतु एक साथ
धनु राशि में थे।24 जनवरी को शनि मकर राशि में प्रवेश किये हैं। शनि जब भी मकर में प्रवेश करते हैं वह समय अच्छा नहीं होता है।गुरु 30 मार्च को मकर में प्रवेश किये।30 मार्च के बाद गुरु एक साथ मकर में मंगल व शनि के साथ है। 30 मार्च से 14 अपैल तक कैरोना का संक्रमण तेज हुआ।14 के बाद सूर्य मेष में एक माह रहेंगे। 15 अप्रैल से 14 मई फिर तेज हुआ। गुरु 30 जून को वक्री होकर पुनः धनु राशि में आएंगे।30जून तक भारत में कोरोना का कहर बहुत ही तेज होगा।भारत में इसका संक्रमण 30 जुलाई के बाद थोड़ा रुकेगा फिर 15 अगस्त तक तेज होगा। भारत की कुंडली वृष लग्न व कर्क राशि की है। 30 जून के बाद गुरु का वक्री होना भारत के लिए थोड़ा शुभ रहेगा लेकिन कैरोना समाप्त नहीं होगा।जांच बढ़ेगा।लोग अधिक संख्या में ठीक भी होंगे।वर्तमान में चन्द्रमा की महादशा बहुत ही शुभ है कैरोना का संक्रमण भारत में विश्व के अन्य देशों की तुलना में कम होगा तथा भारत में लोग बहुत ज्यादा ठीक भी होंगे।01मई से 27 जुलाई के मध्य चन्द्रमा/शनि/राहु भारत को विश्व गुरु की तरफ ले जाएगा।30 जून तक भारत से चीन या पाकिस्तान के सम्बंध में युद्ध जैसी स्थिति आ सकती है।20 जून के बाद भारत और चीन के संबंध और भी खराब होंगे | चीन को मात खानी पड़ेगी चीनी सेना पीछे हटेगी तथा 3 जुलाई के बाद भारत चीन पर अंतर्राष्ट्रीय विजय प्राप्त करने मे सफल रहेगा | मंगल का कुम्भ गोचर व शनि का मकर में वक्री होना बहुत शुभ नहीं है।कैरोना के साथ सावधानी पूर्वक जीना होगा। भारत की शक्ति से पाकिस्तान को परास्त होना है। 15 जुलाई के बाद विश्व के बड़े बड़े देश भारत के सामने नतमस्तक हो जाएंगे।कई देश भारत से मित्रता का प्रयास तेज कर देंगे। हमारा देश 27 जुलाई के बाद एक महाशक्ति के रूप में उभर कर आएगा।विश्व के कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार करना चाहेंगे व सहयोग की आस लगाएंगे। जुलाई के बाद भी कैरोना बीमारी का संक्रमण थोड़ा बहुत चन्द्रमा/
शनि/गुरु यानी 13 अक्टूबर तक रहेगा लेकिन आंशिक रूप से रहेगा।।इसलिए घरों में रहें।सोसल डिस्टेंसिंग का पूर्णतया पालन करें। हाथ साबुन से धुलते रहें।सरकार जैसा आदेश करती है उसका पूर्णतया पालन करें।बहुत भयभीत होने की बात नहीं है।भारत कैरोना को कुचल कर विजयी होगा तथा एक विश्व महाशक्ति के रूप में व विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा। 13 अक्टूबर के बाद इसका कोई समुचित इलाज आ सकता है।
सुजीत जी महाराज


