मेरे पास एक मुस्लिम भाई की जन्मकुंडली आयी।एकदम बड़े पेज पर संस्कृत में लिखी ।बहुत सुखद अनुभूति हुई। भाषा चाहे जो भी हो उसके अंदर भाव प्रेम का ही होता है


मेरे पास एक मुस्लिम भाई की जन्मकुंडली आयी।एकदम बड़े पेज पर संस्कृत में लिखी ।बहुत सुखद अनुभूति हुई। भाषा चाहे जो भी हो उसके अंदर भाव प्रेम का ही होता है
