श्री कृष्ण का हुआ था रोहिणी नक्षत्र में जन्म, जानें कैसे होते हैं इसमें पैदा हुए बच्चे
(श्रीकृष्ण जन्माष्टमी): श्री कृष्ण बचपन में कितने नटखट थे, यह तो हर कोई जानता है। उनकी बाल लीलाओं के चर्चे उस वक्त काफी मशहूर हुआ करते थे। भगवान विष्णु के 8 वें अवतार के रूप में श्रीकृष्ण का जन्म भादों महीने के कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, दिन बुधवार, रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस नक्षत्र में जन्में लोग बड़े ही भाग्यशाली होते हैं।
श्री कृष्ण का जन्म भाद्र मास कृष्ण पक्ष में अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में रात्रि को बारह बजे हुआ था। रोहिणी का स्वामी शुक्र है। इस नक्षत्र को वृष राशि का मस्तक कहा जाता है। इस नक्षत्र का शुक्र स्वामी होता है। इस कारण ऐसे लोग संगीत, काव्य और लेखन विधा में अत्यंत प्रवीण होते हैं। इनका दार्शनिक अंदाज सबको मनमोहित करते हुए अपने प्रेम के आगोश में डुबो देता है।
जानें रोहिणी नक्षत्र को
तमाम नक्षत्र में रोहिणी नक्षत्र चौथे नंबर पर आता है। ज्योतिष के जानकारी सुजीत जी महाराज कहते हैं कि इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। पौराणिक कथा के अनुसार, चंद्रमा की 27 पत्नियों में सबसे सुंदर और आकर्षक रोहिणी है।जैसे-जैसे चंद्रमा रोहिणी के सन्निकट जाता है, उसका प्रेम और निखर जाता है और वह उसके प्रेम पाश में एकाकार होकर छुप भी जाती है।
ऐसे में इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक बहुत ही सुंदर और आकर्षक होता है। वह प्रेम और सौंदर्य का पुजारी होता है। उसके व्यक्तित्व में एक अलग प्रकार का आकर्षण होता है। नेत्रों में एक खिचांव और वाणी में चुंबकत्व होता है। साथ ही ऐसे लोग रस वृत्ति और नृत्य के प्रति रुचि रखने वाले होते हैं।
सफलता प्राप्त करते हैं रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोग
शुक्र विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण और कई प्रेम संबंध बनाता है। ऐसे जातक के प्रायः प्रेम विवाह होते हैं। वैसे इनके खूब अफेयर्स भी होते रहते हैं। फिल्म के फील्ड में इस नक्षत्र के लोग बहुत सफल होते हैं। अभिनय के साथ साथ यह नक्षत्र व्यक्ति को उच्च कोटि का लेखक और संगीतकार बनाता है।
ये राजनीति में प्रायः संगठन में रहते हैं और बहुत अच्छे नेतृत्व कर्ता होते हैं। इनके अंदर सफलता प्राप्ति के लिए कूटनीतिक दूरदर्शिता विद्यमान होती है।शुक्र वित्त का भी ग्रह है और कम्प्यूटर का कारक ग्रह भी है। यह प्रबंधकीय कौशल भी प्रदान करता है। अतः इस फील्ड में इस रोहिणी के जातक बहुत नाम कमाते हैं।
रोहिणी में जन्म लेने वाले जातक यात्रा बहुत करते हैं। इनकी विदेश यात्राएं खूब होती हैं और खुद भी ये घूमने के शौकीन होते हैं। प्रशासन तथा राजनीति में किसी बड़े पद पर पहुंचते हैं। इस प्रकार रोहिणी में जन्म लेने वाले लोगों को जीवन में समस्त सुख प्राप्त होते हैं।


