सनातन धर्म प्रेम की बात करता है।भाई चारे का संदेशवाहक है।प्रकृति के कण कण की पूजा का प्रवधान है।पेड़ पौधों में भी आत्मा है। वो भी सजीव हैं।धर्म के अनुसार पेड़ काटना अधर्म ही नहीं बल्कि महापाप है।पर्यावरण के दृष्टि से नदी ,पर्वत ,वृक्ष सहित वायु को भी अशुद्धि से बचाना ही शास्त्रवत मानव कर्म है।होली में पेड़ काटना महापाप है। कृपया पर्यावरण बचाएं।आत्मा को पवित्र करें।प्रकृति के वरदान को आत्मसात करें।
सुजीत श्रीवास्तव ज्योतिषाचार्य


