Gayatri Jayanti 2018: गायत्री जयंती पर जरूर करें ये 14 काम, दूर होंगे सभी कष्ट और जीवन में आएंगी खुशियां
गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है। यह गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। इस दिन कुछ ऐसे खास काम जरूर करने चाहिये, जिससे मां गायत्री खुश होती हैं और कष्टों को दूर करती हैं।

सुजीत महाराज/नई दिल्ली : गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है जो प्रायः गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन भी यह पर्व मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की एकादशी शुक्रवार 25 मई 2018 को है।
गायत्री माता माँ गायत्री प्रज्ञा की देवी हैं। गायत्री जी का वाहन हंस है। मां गायत्री व्यक्ती के अदंर विवे को जागृत कर के अच्छे और बुरे का ज्ञान करवाती हैं। यह में सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मां गायत्री के एक हाथ में पुस्तक और दूसरे हाथ में कमण्डल होता है। गायत्री मंत्र सबसे बड़ा मंत्र होता है। इसकी महिमा को सभी शास्त्रों, संप्रदायों और ऋषि-मुनियों ने एक स्वर में स्वीकार्य की है। गायत्री जयंती के दिन यदि पूरा फल पाना है तो गायत्री जयंती के दिन कुछ ऐसे काम करें जिससे उसका पूरा फल मिले।
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गायत्री जयन्ती को क्या करें
1. गायत्री मन्त्र का जप करके हवन करें।
2. सूर्य पूजा करें।
3. श्री आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें।
4. अन्न का दान करें।
5. गुड़ और गेहूं का दान करें।
6. पवित्र नदी में स्नान करें।
7. धार्मिक पुस्तक का दान करें।
8. इस दिन भंडारा करायें। लोगों को शीतल जल पिलायें।घर की छत पे जल से भरा पात्र रखें जिससे चिड़ियों के कंठ तृप्त हो सकें।
9. सत्य बोलनें का प्रयास करें।
10. फलाहार व्रत रहें।
11. किसी से कटु वाणी का प्रयोग मत करें।
13 .सूर्य के बीज मन्त्र का जप आपको प्रतिष्ठा दिलाएगा।
14. सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
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इस प्रकार गायत्री जयंती बहुत महत्वपूर्ण है।भगवान कृष्ण ने गीता में मंत्रों में अपने आपको गायत्री कहा है।अतः यह जयंती पुण्य प्राप्ति का महान अवसर प्रदान करती है।


