सुजीत जी महाराज–इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को है।सूर्य एक राशि में एक माह रहते हैं।जिस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं उसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है।इस वर्ष सूर्य दिनांक 14 जनवरी को रात्रि 08:44 पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।ज्योतिष में वह तिथि मान्य होती है जिसमें सूर्योदय पड़े।अतः उदया तिथि के कारण मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा।इस दिन भगवान गोरखनाथ जी को खिचड़ी चढ़ाने का अनन्त पुण्य है।मकर संक्रांति को खिचड़ी,कम्बल,तिल, लड्डू व ऊनी वस्त्र का दान करते हैं।
राशि अनुरूप उपाय भी कर सकते हैं–
1- मेष- सूर्य उपासना करें।भगवान विष्णु जी की व हनुमान जी की पूजा करें। श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का 03 पाठ अत्यंत आवश्यक है।तिल का दान करें।
2-वृष-श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें। विष्णुसहस्रनाम के पाठ से कष्टों से मुक्ति मिलेगी।तिल व गुड़ का दान करें।
3- मिथुन-भगवान विष्णु के साथ साथ सूर्य पूजा भी करें। सूर्य के बीज मंत्र का जप करें व फिर हवन करें। शारीरिक कष्टों से मुक्ति के लिए गायत्री मंत्र का जप करें।
4-कर्क-जो लोग रोग या किसी भय से परेशान हैं,वो आदित्यहृदयस्तोत्र का तीन बार पाठ करें।जिनको लगता है कि अब हम असुरक्षित हैं ,ऎसे लोगों को श्री रामरक्षास्तोत्र का पाठ करना बहुत प्रभावी है। कनकधारा स्तोत्र के पाठ से धन की प्राप्ति होगी।
5-सिंह-तिल व गुड़ का दान अवश्य करें। आज दान का बहुत महत्व है।मकर संक्रांति पर चावल,दाल,आलू,सब्जी इत्यादि कम से कम 9 व्यक्तियों के भोजन के बराबर अन्न दान अवश्य करना चाहिए। सूर्य के बीज मंत्र का जप करें।
6-कन्या- लाल वस्त्र व अन्न का दान करने से धन की प्राप्ति होगी। बुध व सूर्य के बीज मंत्र का जप करें।श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें।
7-तुला- अपने राशि के स्वामी ग्रह यानी शुक्र के साथ सूर्य के बीज मंत्र का जप अवश्य करें। गायत्री मंत्र का जप करें। खिचड़ी का दान करें।
8- वृश्चिक-मंगल व सूर्य के बीज मंत्र का जप करें। गायत्री मंत्र का जप करें। लाल फलों का दान करें।तिल व उड़द का दान करें।
9-धनु-गुरु,मंगल व सूर्य के बीज मंत्र का जप करें।धार्मिक पुस्तकों का दान करें।तिल व खिचड़ी का दान करें। 10मकर- हनुमान चालीसा व श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। श्री सूक्त के पाठ से धन का आगमन होता है।
11कुंभ-शनि व सूर्य के बीज मंत्र का जप करें। बजरंगबाण का पाठ करें।उड़द का दान करें।कम्बल दान करें।
12मीन-गुरु व सूर्य के बीज मंत्र का जप करें।तिल व अन्न का दान करें।श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का तीन बार पाठ भी करें।
सुजीत जी महाराज


