चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से आरम्भ होगा।09 दिन की पूरी नवरात्रि होगी।23,27 व 30 को सर्वार्थ सिद्धि योग।27 व 30 अमृत सिद्ध योग।रवि योग 24,26 व 29 को।30 मार्च को श्री रामनवमी है ,इस दिन गुरु पुष्य योग रहेगा।31 मार्च पारण।
22 मार्च से नव संवत जिसका नाम पिंगल होगा।इस नवरात्र पर माता का वाहन नाव होगा जो कि समृद्धि व सुख आगमन का प्रतीक है।वर्षा अधिक होने के संकेत हैं।
यह नवरात्रि शक्ति उपासना का महान व पुनीत अवसर है। श्रद्धा व समर्पणनुसार माता दुर्गा की उपासना करने से बहुत कम समय में अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।
सुजीत जी महाराज
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त-22 मार्च को प्रातः 06 बजकर 23 मिनट से प्रातः 07 बजकर 32 मिनट तक है।
नवरात्र में दुर्गासप्तशती का पाठ व प्रतिदिन श्री रामचरित मानस का पाठ करें। 09 दिन में सम्पूर्ण रामचरित मानस का पाठ पूर्ण करें।नवरात्र में प्रातःकाल ब्रम्हमुहूर्त में श्री रामरक्षा स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से शरीर की सुरक्षा रहती है।
सुजीत जी महाराज ज्योतिषाचार्य


