तुम हकीकत में ही हो मेरे पर मेरी बाहों से दूर हो
तुम आँखों में ही हो मेरे पर मेरी नजरों से दूर हो
हमें पता है तुम कभी वेवफा हो ही नहीं सकते
मैं तुम्हारे दिल में हूं श्याम और तुम मेरे दिल में हो।
सुजीत जी महाराज
आशा की किरणों में ही भविष्य
आशा की किरणों में ही भविष्य का शिशु पलता है।सूर्य आत्मा है।चंद्रमा मन।सूर्य स्थिर है क्योंकि उसे सृष्टि का संचालन अपने नेत्रों से देखना है।वह ऐसा देवता है जो हमें दिखता है।अनंत आकाश में अपना वैभव दिखाते हुए तथा समस्त तम के साम्राज्य का विनाश करते हुए शिव की भांति कल्याणकारी सूर्य को प्रणाम करते रहें।ज्योतिष में सूर्य आत्मा है इसीलिए आत्मा को ऊर्जा का अनंत स्रोत माना गया है।सूर्य में विभेद नहीं है।वह सबके लिए बराबर है।चंद्रमा की गति तेज है इसलिए वो मन है तथा भगवान शिव के मस्तक पर जाकर वंदनीय हो गया।भास्कर को जल अर्पित करते रहें तथा उससे विनती करें कि हमें कुछ अपनी ऊर्जा की भिक्षा दे दो जिससे कि हमारी आत्मा में कुछ प्रकाश आ सके जो हम इस समाज तथा आध्यात्म को दे सकें। स्मरण रहे जिनके विचार में सब बराबर हैं वही सूर्य का तथा इस सृष्टि को बनाने वाले का सच्चा उपासक है।
सुजीत जी महाराज।
अग्रज श्री जितेंद्र त्रिपाठी सर को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं
दैनिक जागरण गोरखपुर के संपादक ,सरल,सहज तथा विद्वता से परिपूर्ण व्यक्तित्व को समाहित किए हुए अग्रज श्री जितेंद्र त्रिपाठी सर को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं
धनतेरस की शुभकामनाएं
धनतेरस की शुभकामनाएं।इस दिन सायंकाल दीपदान करें। धार्मिक तथा आध्यात्मिक पुस्तक अवश्य खरीदें तथा उसका गहन अध्ययन करें क्योंकि यही वास्तविक धन है। छात्र अपने कोर्स की अच्छी पुस्तकें खरीदें।एक दूसरे को धार्मिक पुस्तकें बांटे।
सुजीत जी महाराज
मेरे गुरु डाक्टर रहीस सिंह जी को मुख्यमंत्री जी के प्रिंट मीडिया का सलाहकर बनाने के लिए बहुत बधाई
मेरे गुरु डाक्टर रहीस सिंह जी को मुख्यमंत्री जी के प्रिंट मीडिया का सलाहकर बनाने के लिए बहुत बधाई। श्री रहीस सर स्वंत्रत लेखक तथा पत्रकार के तौर पर देश के पत्र पत्रिकाओं में नियमित लेखन करते रहे।आपकी विद्वता तथा सरलता के साथ आपके पढ़ाये सैकड़ों शिष्य आज प्रशासनिक अधिकारी हैं।आप पर श्री कृष्ण कृपा बरसती रहे।सादर चरण स्पर्श।
मानस देश का प्रसिद्ध वकील व लेखक बने
वैसे तो सबके अपने स्वप्न होते हैं लेकिन मैं चाहता हूं कि मानस देश का प्रसिद्ध वकील व लेखक बने। वैसे उसकी कुंडली में सुप्रीम कोर्ट में एक प्रसिद्ध वकील तथा राजनीतिज्ञ बनने के ही योग हैं।
पीपल की 07 परिक्रमा करें।
पीपल की 07 परिक्रमा करें।108 हो जाय तो बहुत ही उत्तम है।शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे हनुमानचालीसा का पाठ कर,दीप जलाने व 108 या 07 परिक्रमा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।यह उपाय आसान भी है। भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है कि मैं वृक्षों में पीपल हूं। श्रद्धा व समर्पण ही फलीभूत होता है।
सुजीत जी महाराज
अलविदा 2020
परिवर्तन प्रकृति का अनिवार्य नियम है। आगत का स्वागत है।विगत का भी ऋण है।यह वर्ष हर्ष व विषाद दोनों का रहा।हमें कई बहुत अच्छे विद्वानों का सानिध्य व आशीर्वाद मिला वहीं मेरे कुछ अभिन्न मित्रों का असमय गुजर जाने का कष्ट मिला। इस वर्ष करीब मैंने एक हजार से ऊपर लेख देश की बड़ी पत्र पत्रिकाओं व पोर्टल के लिए लिखे।माता विंध्यवासिनी ने लाज रखी कि मीडिया में चुनाव सम्बन्धी लिखी मेरी सभी भविष्यवाणी एकदम शत प्रतिशत सही रही। इस वर्ष मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही मेरी सहनशीलता में वृद्धि।कई मोड़ ऐसे आए जब मैं बहुत कुछ बर्दाश्त करता रहा। एक बार तो बहुत कष्ट उस समय हुआ जब मेरे किसी अपने ने ही जिसे मैं भाई जैसा स्नेह दिया उसने ही बहुत असहनीय सी बाते कही ही नहीं बल्कि अपनी वाणी की मर्यादाओं को भी लांघ गए लेकिन मेरी सहनशीलता वहां भी विजयी रही।एक ही बात का मलाल रहा कि इस वर्ष मेरी पुस्तक पूर्ण नहीं हो पाई ।ज्यादा समय मीडिया लेखन के कारण इस वर्ष मेरी ज्योतिष की पुस्तक सम्पूर्ण नहीं हो पाई जिसकी भरपाई माता के आशीर्वाद से इस वर्ष कम से कम दो पुस्तक के सम्पूर्ण लेखन से करनी है। स्वास्थ्य का उतार चढ़ाव तो जीवन की प्रक्रिया है। मेरा यह वर्ष थोड़ा एकांत व ग्लैमर से दूर रहने का रहा।इस वर्ष धार्मिक पुस्तकें खूब पढ़ीं।गीता पर लिखी कई पुस्तकें पढ़ीं। युवा साहित्यकारों को पढ़ा।शिवपुराण व भागवत पर लिखे तमाम पुस्तकें पढ़ीं।इस वर्ष देश विदेश में मेरे संपर्क बढ़े।इसके पूर्व के वर्षों में राजनीतिज्ञों से संपर्क खूब रहते थे लेकिन इस वर्ष कुछ चुनिंदा राजनीतिक मित्र ही साथ थे ।हमने बहुत धन नहीं कमाया।मेरी आर्थिक स्थिति सामान्य ही रहती है लेकिन मेरे ऊपर माता की कृपा से इस वर्ष जब जब मैं संकट में आया मेरे मित्रो व शुभचिंतकों ने जो मेरा साथ दिया वो मैं शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। मेरे पास संबंधों का धन है।
वर्ष 2019 में यदि जाने अनजाने में हमसे कोई भी गलती हुई हो या मेरे मन,वचन या कर्म से किसी को तनिक भी कष्ट हुआ हो तो वो हमको छमा करने की कृपा करेंगे।अलविदा 2019।जय सियाराम।जय माता विंध्यवासिनी।जय जय हनुमान।
मकर संक्रांति में उदया तिथि ली जाती है
14 को मध्यरात्रि के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।मकर संक्रांति में उदया तिथि ली जाती है।अतः मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को है।इस लेख को पूरा पढ़ें।शेयर भी कर सकते हैं।जय सीताराम



