शरद पूर्णिमा व चन्द्र ग्रहण –सुजीत जी महाराज —शरद पूर्णिमा तिथि 28 अक्टूबर, शनिवार, प्रात: 04:18 बजे से…
29 अक्टूबर, रविवार, 01:52 am तक है।
चन्द्रग्रहण का समय —
चंद्रग्रहण का प्रारंभ समय: 28 अक्टूबर, देर रात 01:05 बजे…
चंद्र ग्रहण समापन समय: 28 अक्टूबर, मध्य रात्रि 02:23 बजे तक।
सूतक काल का समय: 28 अक्टूबर, दोपहर 02:52 बजे से लेकर मध्य रात्रि 02:22 बजे तक…
चंद्रग्रहण के कारण कब रखें खीर —
आप शरद पूर्णिमा की खीर चतुर्दशी की रात यानि 27 अक्टूबर शुक्रवार की रात बना लें. फिर 28 अक्टूबर को जब शरद पूर्णिमा की तिथि प्रात: 04:18 बजे से शुरू हो तो उस समय उस खीर को चंद्रमा की रोशनी में रख दें, उस दिन चंद्रास्त प्रात: 04:43 पर होगा। चंद्रास्त के बाद उस खीर को खा सकते हैं, 28 अक्टूबर के प्रात: पूर्णिमा तिथि में चंद्रमा की औषधियुक्त रोशनी प्राप्त हो जाएगी। आप चाहें तो 28 अक्टूबर के मध्य रात्रि चंद्र ग्रहण के बाद खीर बनाएं और उसे खुले आसमान के नीचे रख दें ताकि उसमें चंद्रमा की रोशनी पड़े, बाद में उस खीर को खा सकते हैं।
सुजीत जी महाराज
Pyramid astrology
Vastu pyramid
Sujeet jee maharaj09838762010
Placing pyramids is an effective way is good for curbing vastu defects. pyramids are always be placed parallel to the N-S axis on the floor. These are installed in the stratgic location in the industry such as the centre or an energetic key point. It can be used in the industry in the N N E, NE, ENE and NNW zones.
Copper material is the best choice for pyramids.
Place pyramid in a conspicu ous place around 0.75 to 1 m heigh from the floor. Use Compas. The side is parallel to the North-South axis
वार्षिक राशिफल 2023 द्वारा डॉक्टर सुजीत जी महाराज
MSc Matematics with astronoy, MA ,L L. B ,Doctrate in astrological science.09838762010,7607408742
1मेष—
यह वर्ष आर्थिक दृष्टि से बहुत बेहतर होगा।कई रुके कार्य पूर्ण होंगे।धन के व्यय के दृष्टिकोण से 15 मार्च से 15 मई तक का समय किसी रियल स्टेट में धन के निवेश का है।अक्टूबर के बाद अचानक किसी बड़े कार्य के संपन्न होने से खुशी होगी।कोई धनु या मीन राशि का शख्स आपका नया सफल बिज़नेस पार्टनर होगा। नवंबर और दिसंबर व्यय भरा माह होगा।श्री सूक्त का पाठ करते रहें उससे आर्थिक स्थिति और बेहतर होती रहेगी।
स्वास्थ्य की दृष्टि से मध्यम सुख का वर्ष होगा।मंगल रक्त विकार और उदर विकार से आपको परेशान कर सकता है।ब्लड प्रेशर और हार्ट के मरीज भी विशेषकर 11 अक्टूबर के बाद विशेष सावधानी बरतेंगे।श्री हनुमान जी की उपासना करते रहें।मंगल से संबंधित द्रव्यों मसूर की दाल,गुड़ और गेहूं का दान प्रत्येक मंगलवार को करें।फिलहाल कोई डरने की बात नहीं है।
शिक्षा और कैरियर की दृष्टि से यह वर्ष बहुत बेहतर और श्रेयष्कर रहेगा।विदेश यात्रा हो सकती है।तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े छात्र नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी इस वर्ष सफलता की प्राप्ति करेंगे।जाब में उन्नति होगी।प्रमोशन होंगे।आपकी यश तथा प्रतिष्ठा बढ़ेगी।श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ आपके जीवन को इस वर्ष उन्नति से भर देगा।
वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।जो लोग अविवाहित है उनको इस वर्ष प्रेम हो सकता है।रोमांटिक स्वभाव बनेगा।जीवन साथी को प्यार से देशाटन कराएंगे।शिव उपासना करने से अविवाहित जातक परिणय सूत्र में परिणीत होंगे।आपका प्यार दैहिक और आत्मिक तौर पे आपको पूर्ण संतुष्टि और आनंद देगा।
जीवन को सुखमय करने और इस वर्ष की भाग्यवृद्धि के लिए श्री हनुमान जी की उपासना और प्रत्येक मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें।
2—-वृष–
आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष बहुत ज्यादा श्रेयष्कर रहेगा।धन की प्राप्ति होगी।कई वर्षों से रुके कार्य पूर्ण होंगे।गृह निर्माण संबंधित कार्य भी पूर्ण होने के संकेत हैं और कोई जमीन या फ्लैट भी इस वर्ष क्रय करेंगे।स्वर्ण और हीरे के आभूषण लेंगे।किसी मकर या कुंभ राशि के जातक से नई बिज़नेस डील आपको लाभान्वित करेगी।श्री सूक्त के ऋग्वैदिक मंत्र का जप और हवन प्रत्येक शुक्रवार को करने से आर्थिक समृद्धि आएगी।अक्टूबर के बाद विदेश यात्रा हो सकती है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से आप इस वर्ष थोड़ा परेशान रहेंगे।नेत्र संबंधित समस्या 15 मार्च से 15 अप्रैल और फिर सितंबर में रहेगी।अक्टूबर के बाद स्वास्थ्य बेहतर होगा।यूरिन संबंधित समस्या भी शुक्र आपको दे सकता है।किसी अंधे गरीब व्यक्ति को अन्न और वस्त्र का दान करें।हृदय के रोगी अगस्त से अक्टूबर तक सावधानी बरतें।
शिक्षा तथा प्रतियोगिता में छात्र सफलता की प्राप्ति करेंगे।जाब में प्रोग्रेस।सेप्टेम्बर के बाद उन्नति और प्रोमोशन।विदेश यात्रा।उच्चाधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।राजनीति से संबंधित जातक अत्यंत लाभ की प्राप्ति करेंगे।नए पद की प्राप्ति संभव है।सामाजिक तथा राजनीतिक यश तथा प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
भाग्योदय और प्रत्येक कार्य में सफलता हेतु शिव पूजा करें।सुगंधित इत्र लगाएं।ओपल धारण करें।सत्य बोलें और गाय को प्रत्येक शुक्रवार को आटा और गुड़ खिलाएं।शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं और श्री सुंदरकांड का पाठ करें।
3–मिथुन—-
आप भाग्यशाली हैं कि इस वर्ष माता लक्ष्मी आप पर प्रसन्न हैं।किसी नए बिज़नेस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।वृष या तुला राशि का नया बिज़नेस पार्टनर आपको लाभान्वित करेगा।गृह कार्य संबंधित कार्य पूर्ण होंगे।आप स्वर्ण और हीरे के आभूषण का क्रय करेंगे।अक्टूबर के बाद कोई नई संपत्ति खरीदने का संयोग बनेगा।अगस्त और सितंबर के महीना व्यय भरा होगा।आप के हित में है कि शेयर बाजार से बेहतर इन्वेस्टमेंट रियल स्टेट में रहेगा।
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष मध्यम सुख प्रदान करने वाला रहेगा।स्किन के रोग और श्वांस के रोग की संभावना विशेषकर अगस्त ,अक्टूबर और 15 नवंबर तक रहेगी।गो माता को पालक खिलाएं।प्रत्येक बुधवार को श्री गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।पन्ना पहनना आपके लिए हितकर रहेगा।जीवन साथी को हड्डी संबंधित रोग आपको परेशान कर सकता है।कुशोदक से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराने से आपको स्वास्थ्य लाभ होगा।
शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।किसी नए अवसर की प्राप्ति से मन प्रसन्न रहेगा।न्यायिक कार्य,लेखन और पत्रकारिता से संबद्ध जातक लाभान्वित होंगे।अक्टूबर के बाद अकस्मात किसी बड़े पद या पदोन्नति से मन प्रसन्न रहेगा।तकनीकी तथा प्रबंधकीय फील्ड के छात्र नवीन अवसरों की प्राप्ति और विदेश की यात्रा कर सकते हैं।
आपका प्यार आपको मिलेगा।अविवाहित लोग जो विवाह के उम्र के आस पास हैं वो प्रेम की परिणति विवाह के रूप में करेंगे।प्रेम में विश्वास और समर्पण बनाये रखिये।जीवनसाथी के साथ सुदूर यात्रा करेंगे।यदि प्रेम में सत्य के साथ रहेंगे तो वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा।
4कर्क–//////
आपके लिए नया वर्ष कई सपनों को साकार करने के लिये ही आ रहा है।प्रारंभिक दो महीने थोड़े संघर्ष के रहेंगे।इस साल आपके लिए कई बड़े आर्थिक अवसर आपके दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।धन की प्राप्ति के साथ साथ कुछ ऐसा होगा कि आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।ससुराल पक्ष के सहयोग से कई बड़े कार्य बनेंगे।अचल संपत्ति का संयोग क्रय करने का बन रहा है।गृह कार्यों में सफलता की प्राप्ति होगी।
स्वास्थ्य के दृष्टि से यह वर्ष मिश्रित फलदायी है।शीत जनित रोग और श्वांस का रोग थोड़ा परेशान कर सकता है।मोती धारण करना आपके लिए हितकर है।
शिव उपासना करिये और शुभ मुहूर्त और शिववास को देखते हुए कुशोदक से रुद्राभिषेक कराइये जिससे स्वास्थ्य लाभ होगा।
वैवाहिक जीवन में उतार चढ़ाव आएंगे।अविवाहित विवाह योग्य जातकों के शुभ विवाह का ये सुंदर वर्ष है।युवा प्रेम में अति भावुक और संवेनशील रहेंगे।प्रेमी की बातें उन्हें बहुत चुभती हैं।इस राशि का स्वामी चंद्रमा है।प्रेम कविताएं लिखने में आपको महारत हासिल है।आप इस वर्ष एक सफल प्रेमी साबित होंगे।
इस वर्ष आप खूब धार्मिक यात्रा करेंगे।आध्यात्मिक उत्कर्ष की प्राप्ति तथा धार्मिक गुरुओं का आशीर्वाद आपको खूब प्राप्त होगा।संतान की सफलता से मन हर्षित एवं आनंदित रहेगा।जीवन साथी को स्वास्थ्य में अक्टूबर के बाद थोड़ी प्रॉब्लम आ सकती है।भाई की सहायता मिलेगी।मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।सितंबर से अक्टूबर और दिसंबर खूब यात्रा का माह होगा।मई से जून तक भी सुदूर यात्रा का सुखद संयोग बनेगा।दुर्गासप्तशती का पाठ नियमित करने से जीवन में उन्नति ही उन्नति होगी।
5सिंह—–
यह वर्ष चतुर्दिक विकास का है।आप धन की प्राप्ति के साथ साथ यश तथा प्रतिष्ठा की प्राप्ति का भी है।धन के आगमन की गति अप्रैल के बाद बहुत तेज रहेगी।सितम्बर व्यय का महीना है।अक्टूबर के बाद धन का निवेश रियल स्टेट या घर खरीदने में करेंगे।15 जनवरी से 15 मार्च तक का समय आय और व्यय के संतुलन का है।संतान की शिक्षा हेतु व्यय सकारात्मक दिशा में ही रहेगा।
स्वास्थ्य सुख उत्तम रहेगा।ब्लड प्रेशर और उदर विकार से परेशानी रहेगी।श्री आदित्यहृदयस्त्रोत्तम का पाठ आपको रोगों से मुक्ति दिलाते हुए जीवन पथ पर विजयश्री दिलवाएगा।राहु से संबंधित द्रव्यों उड़द इत्यादि का दान बुधवार को करते रहें।आपके राशि के स्वामी ग्रह सूर्य को जल अर्पित करते हुए गायत्री मंत्र का जप करते रहें,यदि प्रतिदिन संभव न हो तो रविवार को तो अवश्य करें।
शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।अक्टूबर के बाद विदेश यात्रा हो सकती है।धन का आगमन होगा लेकिन फरवरी तक आप व्यय से परेशान रहेंगे।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।राजनीति तथा प्रशासन से सम्बद्ध जातक इस वर्ष खूब लाभ में रहेंगे।उच्चाधिकारियों का सहयोग और बड़े नेताओं का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
प्रेम में रोमांटिक भाव बना रहेगा।अविवाहित लोग मार्च के बाद अनुकूल समय प्राप्त करेंगे।आप प्रेम में विश्वासपात्र हैं।आप जिससे प्यार करते हैं खूब करते हैं।जीवन साथी से उपहार और सैर सपाटे के आनंद का क्या कहना।वैवाहिक जीवन इस वर्ष सुखी रहेगा।युवा प्यार में अनुशासन में रहें।किसी भी स्थिति में भावुकता में लिया गया निर्णय आपको परेशान कर देगा।
यात्रा में सावधानी बरतें विशेषकर मार्च तक।
भाग्य वृद्धि के लिए सूर्य उपासना और श्री हनुमान जी की पूजा करें।अन्न और वस्त्र का दान करें।
6कन्या—-
आर्थिक उन्नति लेकिन बीमारी में धन का व्यय होगा।मार्च तक स्वास्थ्य में बहुत पैसा खर्च होगा।धन के आगमन की स्थिति अप्रैल से अगस्त और फिर अक्टूबर से वर्षान्त बहुत बेहतर रहेगी।कई वर्षों से रुका धन इस वर्ष आपको प्राप्त होगा।कभी कभी एकदम पॉकेट खाली हो जाएगा।श्री सूक्त का पाठ आपको धन की प्राप्ति कराएगा।श्री विष्णुसहस्त्रनाम के पाठ से जीवन के प्रत्येक फील्ड में आपको उन्नति और सफलता की प्राप्ति होगी।
स्वास्थ्य सुख बहुत अच्छा नहीं है।मार्च विशेषकर 15 मार्च से 15 मई तक आपको सचेत रहना है।स्किन और उदर विकार से परेशानी रहेगी।भगवान शिव का कुशोदक से शुभ मुहूर्त और शिववास में रुद्राभिषेक कराएं।श्वांस के रोगी भी परेशान रहेंगे।किसी प्रकार के डरने की बात नहीं है ।शिव उपासना और अन्न का दान आपके संकट को हर लेगा।
शिक्षा तथा प्रतियोगिता की दृष्टि से यह वर्ष बहुत श्रेयष्कर साबित होगा।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।किसी वृष या तुला राशि का जातक आपका बहुत सहयोग करेगा।तकनीकी तथा प्रबंधकीय फील्ड के छात्र आपको लाभान्वित करेंगे।विदेश यात्रा हो सकती है।
प्रेम में सफलता।तर्क से नहीं दिल से प्यार की उत्पत्ति होती है।जीवन साथी के प्यार में आप कोई कमी नहीं होने देंगे।देशाटन का आनंद उठाएंगे।विवाह योग्य जातक परिणय सूत्र में आ जाएंगे।
भाग्य वृद्धि के लिए श्री विष्णु उपासना और प्रत्येक दिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे तो आने वाले संकट बहुत कम हो जाएंगे।।
7तुला—////
आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष शानदार रहेगा।धन वर्षा होगी।कई वर्षों से रुका कार्य पूर्ण होगा।यह वर्ष नव उमंग और तरंग का है।देशाटन करेंगे।कई मनोरंजक यात्राएं होंगी।परिवर्तन यह है कि धन के साथ साथ स्वास्थ्य का सुख भी प्राप्त होगा।अक्टूबर से दिसंबर तक थोड़ा बीमारी पे धन का व्यय होगा।मिला जुलाकर यह वर्ष सम्पन्नता और समृद्धि का रहेगा।
स्वास्थ्य सुख उत्तम रहेगा।कोई अप्रिय घटना नहीं घटेगी।इतना अवश्य है कि रक्त चाप और मधुमेह के रोगी सावधानी बरतेंगे।किसी गरीब व्यक्ति को अन्न तथा वस्त्र का दान करें।
शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।राजनीति करने वाले जातक ख़ूब सफल रहेंगे।प्रशासनिक अधिकारी यश तथा प्रतिष्ठा की प्राप्ति करेंगे।जाब में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।अगस्त के बाद विदेश यात्रा हो सकती है।भाई के सहयोग से कोई बड़ा विवाद हल होके कोई बड़ा कार्य बनेगा।
प्रेम में सफलता की प्राप्ति होगी।ससुराल से लाभ।जीवन साथी के स्वास्थ्य के बारे में सचेत रहें।किसी सुदूर धार्मिक यात्रा का सुखद संयोग बनेगा।प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का दुग्ध और गंगा जल से अर्पण आवश्यक है।
जनवरी से मार्च तक प्रत्येक बुधवार को उड़द का दान करें।अक्टूबर के बाद बृहस्पति से संबंधित द्रव्यों केला और चने की दाल का श्री विष्णु मंदिर में दान करें।इस वर्ष आप का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि आपके संबंध बहुत बड़े बड़े लोगों से बनेंगे जिसका लाभ आपको जीवन पर्यन्त मिलेगा।सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के साथ साथ आपको इस वर्ष किसी बड़े पुरष्कार की प्राप्ति हो सकती है।
8वृश्चिक–//
यह वर्ष धन प्राप्ति के लिए शानदार है।खूब धन कमाएंगे और अच्छे कार्यों में खर्च करेंगे।गृह कार्य में और कोई जमीन या फ्लैट भी खरीद सकते हैं।किसी धनु या में राशि का शख्स आपकी बहुत सहायता करेगा।मेष और कर्क राशि का जातक नया बिज़नेस पार्टनर बन आपको लाभ प्रदान करेगा।मार्च से मई तक का समय शेयर और रियल स्टेट में निवेश का सुंदर समय है।अक्टूबर से दिसंबर तक धन आना ही आना है।इधर जनवरी से फरवरी तक का समय थोड़ा व्यय का है।प्रत्येक मंगलवार को श्री सुन्दरकाण्ड का पाठ करते रहें।
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष बहुत मिश्रित सुखदायी और दुखदायी है।उदर विकार,रक्त विकार और रक्त चाप से परेशानी आ सकती है।प्रत्येक मंगलवार को मसूर की दाल और गेहूं का दान करें।गाय को हर मंगलवार रोटी और गुड़ खिलाएं।श्री हनुमानबाहुक का पाठ आपको शारीरिक कष्ट से मुक्ति दिलाते हुए स्वास्थ्य सुख प्रदान करेगा।मार्च से मई फिर सितम्बर माह में स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतें।गरीबों में अन्न और वस्त्र का दान करते रहें।
दामपत्य जीवन सुखमय रहेगा।जीवनसाथी का भरपूर प्यार और सहयोग आपके जीवन की मंजिल की प्राप्ति में सहयोग करेगा।जो विवाह उम्र के करीब हैं उनके विवाह की संभावना रहेगी।प्रेम करने वाले विवाह करेंगे।आपका क्रोध कभी कभी आपके प्रेम के आनन्द को फीका कर देता है।क्रोध पर नियंत्रण रखें।लाल मूंगा धारण करें।
यह वर्ष आपको कोई बड़ा पुरष्कार दिलवाएगा।सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।खूब धार्मिक यात्राएं होंगी।संतान को सफलता मिलेगी।संतान के विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं इस वर्ष समाप्त होंगी।
श्री हनुमान जी की खूब उपासना करें।श्री रामचरितमानस का पाठ करें।यह वर्ष आपको बहुत कुछ देगा।
9 धनु—–
धन प्राप्ति की दृष्टि से यह वर्ष का पूर्वार्ध बहुत अच्छा रहेगा।किसी रुके कार्य के पूर्ण होने की संभावना है।अक्टूबर से दिसम्बर के बीच कोई संपत्ति खरीदेंगे।कर्क या सिंह राशि का कोई शख्स आपकी बहुत सहायता करेगा।रियल स्टेट और शेयर में धन लगाएंगे।ससुराल से लाभ।कोई पुराना मित्र या रिश्तेदार के सहयोग से आपको इस वर्ष कोई जमीन मिलेगी।संतान की सफलता से मन हरसगीत रहेगा।मार्च तक का समय थोड़ा व्यय का है।अगस्त से 15 सितंबर तक कोई बड़ा पुरष्कार मिल सकता है।अक्टूबर से दिसंबर तक तो धन आना ही आना है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष कुछ बेहतर रहेगा।यूरिन और उदर रोग से मार्च से सितंबर तक समस्या आ सकती है।अक्टूबर के बाद समय अच्छा है।श्री विष्णुसहस्त्रनाम का प्रत्येक बुधवार और बृहस्पतिवार को पाठ करें।हर बुधवार गाय को पालक और प्रत्येक बृहस्पतिवार को गाय को केला खिलाएं।
दामपत्य जीवन सुखद रहेगा।जीवन साथी को थोड़ी स्वास्थ्य संबंधित समस्या फरवरी से 16 अप्रैल तक आ सकती है।अक्टूबर से समय अनुकूल होने से स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां दूर होंगी।कुशोदक से शुभ मुहूर्त में और शिववास में रुद्राभिषेक कराएं।संतान के निमित शिक्षा हेतु धन का व्यय इस वर्ष मार्च से मई तक कुछ ज्यादा ही होगा।भाई के सहयोग से कोई बड़ा सरकारी कार्य सम्पन्न होगा।
इस वर्ष श्री विष्णु उपासना करें।पुखराज धारण करें।गो सेवा और माता पिता की सेवा से आपके सारे कार्य बनेंगे।
10मकर—///–//
आर्थिक दृष्टि से संपन्नता का और खूब धन प्राप्ति का वर्ष है।फरवरी तक व्यय बढ़ेगा।मार्च से जून तक कोई वर्षों से लंबित कार्य पूर्ण होगा।अक्टूबर के बाद पूछना ही क्या,दिसम्बर तक धन वर्षा होगी।सितम्बर से नवंबर तक धन का सदुपयोग स्थायी संपत्ति खरीदने में लगाएंगे।संतान की शिक्षा संबंधित धन का व्यय अप्रैल से जून के मध्य कुछ ज्यादा ही होगा।संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा।रियल स्टेट और फ्लैट अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य खरीदने में सफलता मिलेगी।यह वर्ष आपको बहुत कुछ देके ही जायेगा।
स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से यह वर्ष बहुत अच्छा नहीं कहा जायेगा।श्वांस संबंधित और उदर से संबंधित रोग की संभावना हो सकती है।मार्च से सितंबर तक कोई स्वास्थ्य को लेकर प्रॉब्लम आपको परेशान कर सकती है।प्रत्येक शनिवार को पीपल को जल दें और दीपक जलाएं।श्री हनुमान बाहुक और श्री सुंदरकांड का पाठ करें।शनि से संबंधित द्रव्यों तिल तेल इत्यादि का दान और राहु से संबंधित उड़द इत्यादि का दान करें।दान में बहुत बल होता है।भगवान के नाम का जप और दान आपको संकट से बचाता है।
इस वर्ष आपका दामपत्य जीवन बहुत सुखमय रहेगा लेकिन फरवरी सर अप्रैल तक का समय जीवनसाथी को शारीरिक कष्ट दे सकता है।विवाह योग्य जातकों का विवाह भी इस वर्ष होगा।प्रेम मेंसफलता की प्राप्ति होगी।क्रोध और अहंकार प्रेम का शत्रु है अतः इस पर नियंत्रण रखें।संतान के विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी।
श्री हनुमान जी की पूजा करें।शिव उपासना करें।महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।गरीबों में अन्न और वस्त्र का दान करें।
11कुंभ—//////
यह वर्ष आर्थिक तौर पे समृद्धि भरा रहेगा।चल और अचल संपत्ति की प्राप्ति होगी।मार्च से सितंबर और फिर अक्टूबर से दिसंबर तक का समय खूब आर्थिक उत्कर्ष का है।जनवरी और फरवरी व्यय भरा होगा।
यह वर्ष राजनीति से संबंधित जातकों के लिए सफलता और प्रतिष्ठा भरा होगा।उच्च नेताओं से अच्छे संबंध आपको लाभान्वित करेंगे।प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों के लिए यह वर्ष बहुत श्रेयष्कर रहेगा।श्री हनुमान जी की उपासना आपको सफलता ही सफलता दिलाएगी।
स्वास्थ्य बहुत अच्छा नही रहेगा।स्वास्थ्य सुख माध्यम है।श्री हनुमानभक्त बनें।श्री बजरंगबाण का पाठ करें।किसी शिव मंदिर के पास पीपल या बेल का पेड़ लगाएं।हड्डी की समस्या और बी पी आपको परेशान कर सकती है।गरीबों में अन्न और वस्त्र का दान करें।
शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।जो छात्र कम्पटीशन विशेषकर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं उनको इस वर्ष आशातीत सफलता मिलेगी।तकनीकी तथा प्रबंधकीय सेक्टर के विद्यार्थी सफल रहेंगे और विदेश जा सकते हैं।
इस वर्ष आपका दामपत्य जीवन बहुत ही सुखमय रहेगा।संतान के विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी।प्रेम में विश्वास और सत्य को बनाये रखें।प्यार में विश्वास और समर्पण ही सब कुछ है।जीवन साथी से सत्य ही बोलें।क्रोध आपके प्रेम में बाधा ला सकता है।
यह वर्ष उपलब्धियों का है।आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।धन का आगमन तो होगा ही कोई बड़ा पुरष्कार आप प्राप्त कर सकते हैं
शिव पूजा और हनुमान जी की उपासना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
12मीन—-///
यह वर्ष धन प्राप्ति का है।चल और अचल संपत्ति के क्रय का है।रियल स्टेट और शेयर में इन्वेस्टमेंट का है।मार्च तक थोड़ा धन का व्यय कुछ ज्यादा ही है।मई से सितंबर फिर अक्टूबर से दिसंबर तक का समय धन वर्षा का है।आप इस वर्ष कोई बड़ा पुरस्कार भी प्राप्त करेंगे।संतान की शिक्षा में मई से जून तक का समय थोड़ा धन के व्यय का है।
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष बहुत ही अच्छा रहेगा।मार्च से सितंबर तक थोड़ी समस्या आ सकती है।श्वांस के रोगी सावधानी बरतेंगे।जनवरी से मार्च तक का समय बहुत अच्छा नहीं है।राहु और शनि से संबंधित द्रव्यों का क्रमशः बुधवार और शनिवार को दान करें।बी पी और मधुमेह के रोगी भी सावधानी बरतें और मंगल से संबंधित द्रव्यों का प्रत्येक मंगलवार या कम से कम 9 मंगलवार को दान करें।
शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति होगी।विदेश यात्रा की पूरी संभावना है।इस वर्ष आपकी धार्मिक यात्रा भी खूब होगी।सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्र सफलता की प्राप्ति करेंगे।
राजनीतिज्ञ खूब सफल रहेंगे इन लोगों को श्री बंगलामुखी अनुष्ठान से बहुत अच्छी सफलता और पद तथा प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी।
श्री विष्णु उपासना करें।श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।अन्न और वस्त्र का दान करें।पुखराज धारण करना भी लाभप्रद है।निष्कर्षतः यह वर्ष 2023 आपके लिए बहुत ही शुभकारी और मंगलकारी है।
सुजीत जी महाराज
चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव व दान–
सुजीत जी महाराज–08 नवम्बर को लगने वाला चन्द्र ग्रहण सायंकाल 05:09 से रात्रि 06:19 बजे तक है। मेष राशि पर लग रहा है। चन्द्र ग्रहण के समय पूजा व दान का विशेष महत्व है। यह ग्रहण मेष, कन्या व तुला राशि पर बहुत ही शुभ रहेगा। मकर व धनु के लिए बहुत बेहतर नहीं है।आइए अब जानते हैं कि इसका बारह राशियों पर प्रभाव तथा दान —
1मेष- जाँब सम्बन्धी कोई बड़ा सुंदर कार्य जिसकी योजना बन रही है वो अभी टलेगा। व्यवसाय में किसी नए प्रोजेक्ट को प्रारम्भ करेंगे तथा सफल रहेंगे। बजरंगबाण का पाठ करें।
दान–गुड़ व गेहूं का दान करें।
2वृष- तनाव से बचना होगा। व्यवसाय में लाभ हो सकता है । ससुराल पक्ष से लाभ मिलेगा। श्री सूक्त का पाठ करें। -दान–चावल व चीनी का दान करें।
3मिथुन- रिश्तों में विवाद से बचें। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। चोट चपेट से बचें।बजरंगबाण का पाठ करें। -दान –हरे वस्त्र तथा मूंग का दान करें। 4–कर्क- सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे। ससुराल का सहयोग प्राप्त होगा। कोई रुका कार्य पूर्ण होगा। चोट लग सकता है।वाहन का प्रयोग सावधानी पूर्वक करें। दान-अन्न दान करें।
5सिंह- व्यवसाय में उन्नति होगी। आर्थिक सुख की प्राप्ति होगी। योग व ध्यान आत्मबल को बढ़ाएंगे। जाँब में कोई भी लापरवाही मत करें। दान–गुड़ व गेहूं का दान करें।
6कन्या- अपने जाँब से संतुष्ट रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। व्यवसाय में सफलता मिलेगी।श्री सूक्त का पाठ करें। दान–हरे वस्त्र दान करें।
7तुला- व्यवसाय को लेकर तनाव में रहेंगे। जाँब में उन्नति होगी। विहंगों को दाना पानी दें। जाँब में वाद विवाद हो सकता है। श्री सूक्त का पाठ करें। दान–चावल व चीनी का दान करें।
8वृश्चिक- यह ग्रहण इसी राशि पर है।शारीरिक कष्ट है लेकिन आध्यात्मिक सोच को विस्तार मिलेगा। जाँब में परिवर्तन सम्भव है।हनुमान चालीसा पढ़ें। दान–गेहूं व लाल फलों का दान करें।
9धनु- जाँब में सफलता की प्राप्ति होगी।धन का आगमन होगा। बजरंगबाण का पाठ करें।स्वास्थ्य से कष्ट मिल सकता है। दान–चने की दाल व धार्मिक पुस्तकों का दान करें।
10मकर- जाँब के प्रोन्नति में लाभ मिल सकता है।कई रुके कार्य अपनी पूर्णता की तरफ जा सकते हैं।हनुमानचालीसा का पाठ कष्टों से मुक्ति दिलवाएगा। दान–तिल व तेल का दान करें।
11कुम्भ- धन प्राप्ति का सुख मिलेगा। बजरंगबाण का पाठ करें। व्यवसाय में लाभ मिल सकता है। दान–उड़द व गेहूं का दान करें।
12मीन- धन का आगमन हो सकता है। स्वास्थ्य के प्रति बहुत सचेत रहें। जाँब में सफलता मिलेगी।श्री अरण्यकाण्ड का पाठ करें। दान-धार्मिक पुस्तकों का दान करें।
खग्रास चन्द्र ग्रहण दिनांक 08 नवम्बर को–सुजीत जी महाराज-
कार्तिक शुक्ल पक्ष पूर्णिमा दिनांक 08 नवम्बर 2022 दिन मंगलवार को चन्द्रग्रहण सायंकाल 05:09 बजे प्रारंभ होगा तथा मोक्ष रात्रि 06 बजकर 19 मिनट पर होगा।ग्रहण की कुल अवधि 01 घण्टे 10 मिनट रहेगी।चन्द्रग्रहण का सूतक 09 घण्टे पूर्व लगता है।सूतक प्रातःकाल 08:09 बजे से ही आरंभ हो जाएगा।ग्रहण के समय भगवान के नाम का जप करें।महामृत्युंजय मंत्र पढ़ें।माता दुर्गा के 108 नाम पढ़कर माता दुर्गा का ध्यान करें।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप बहुत ही पुण्यदायी है।ग्रहण के बाद पवित्र नदी में स्नान कर दान करने से कई जन्मों के पापों का शमन होता है व अनन्त पुण्य की प्राप्ति होती है।गुरु द्वारा दिए गए विशेष मंत्र का जप अवश्य करें।
सुजीत जी महाराज
धनतेरस पर राशि अनुरूप करें खरीदारी।
सुजीत जी महाराज — 09838762010-astrosujeet@gmail. com धनतेरस को को सामान खरीदने की प्रथा है।इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।इस दिन स्वर्ण आभूषण और चांदी के सिक्के खरीदने की परम्परा है।ज्योतिष में 12 राशियां होती हैं और प्रत्येक राशि के स्वामी ग्रह होते हैं।यदि यही खरीददारी हम राशि अनुसार करें तो शुभता में वृद्धि होती है।
1मेष
इस राशि का स्वामी मंगल है।इस राशि के जातक ताम्र पात्र,फूल के बर्तन ,स्वर्ण आभूषण,स्वर्ण के सिक्के खरीदें तो बेहतर होगा।
2वृष
इस राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है।इस राशि के लोग चांदी के सिक्के क्रय करें।इसके अलावा चांदी के बर्तन,चांदी से बने आभूषण,हीरे की अंगूठी या जेवर,इलेक्ट्रॉनिक सामान,वस्त्र और वाहन खरीद सकते हैं।
3मिथुन
इस राशि का स्वामी ग्रह बुध है।वस्त्र क्रय करें।चांदी के सिक्के और आभूषण,हीरे के आभूषण,चांदी के पात्र और वाहन खरीद सकते हैं।
4कर्क
इस राशि का स्वामी चंद्रमा है।स्वर्ण आभूषण खरीदिए।ताबें के बर्तन,फूल की थाली,सोने के सिक्के,चांदी के सिक्के और आभूषण खरीदें तो शुभ होगा।
5सिंह
इस राशि का स्वामी सूर्य है।स्वर्ण के सिक्के,स्वर्ण के आभूषण,ताम्र और फूल के पात्र,धार्मिक पुस्तक और कलम खरीदना शुभ रहेगा।
6कन्या
इस राशि का स्वामी बुध है।इस राशि के जातकों को वस्त्र वो भी हरे रंग या नीले रंग का खरीदना विशेष शुभकारी है।चांदी के सिक्के,हीरा, वाहन तथा चांदी के पात्र खरीदना शुभ रहेगा।
7तुला
इस राशि का स्वामी शुक्र है।आज के दिन वाहन खरीदें।चांदी तथा हीरे के सामान क्रय करना शुभ है।वस्त्र और स्टील के बरतन खरीदें।
8वृश्चिक
इस राशि का स्वामी मंगल है।जमीन या मकान खरीदने की तारीख इसी दिन तय करें।ताबें के पात्र तथा पूजा घर के सामान खरीदें।स्वर्ण आभूषण क्रय करना शुभ फलदायी है।धार्मिक पुस्तक और फूल के बरतन खरीदें।
9धनु
इस राशि का स्वामी है गुरु।धार्मिक पुस्तक खरीदें।स्वर्ण के सिक्के और आभूषण का क्रय करें।फूल के पात्र लें।वाहन भी क्रय कर सकते हैं।
10मकर
इस राशि के स्वामी हैं शनि। लोहे के सामान खरीदें।इलेक्ट्रॉनिक सामानों का क्रय कर सकते हैं।वाहन खरीदना शुभ है।चांदी के सिक्के लें।चांदी और हीरे के आभूषण खरीदना शुभकारी है।
11कुंभ
इस राशि का स्वामी शनि है।लोहे के सामान लें।इलेक्ट्रानिक सामान लें।स्टील के बरतन खरीदें।चांदी और हीरे के आभूषण क्रय करना शुभ फल प्रदान करेगा।
12मीन
इस राशि का स्वामी है गुरु।धार्मिक पुस्तक खरीदें।सोने के आभूषण तथा सिक्के लें।तांबे और फूल के बर्तन खरीदें।वाहन भी ले सकते हैं।जमीन या मकान के भी खरीदने की शुभ तिथि है।
विशेष ध्यान रखने वाली बातें—-
सिंह राशि के लोग लोहे के पात्र और वाहन का क्रय करने से बचें।मकर और कुम्भ के जातक स्वर्ण और ताम्र के सामान मत खरीदें।मेष और वृश्चिक के जातक हीरे का सामान कदापि मत खरीदें।वृष और तुला राशि के जातक स्वर्ण के आभूषण इत्यादि मत खरीदें।कर्क राशि के जातक वस्त्र खरीदने से बचेंगे ।
जन्मकुंडली
मेरे पास एक मुस्लिम भाई की जन्मकुंडली आयी।एकदम बड़े पेज पर संस्कृत में लिखी ।बहुत सुखद अनुभूति हुई। भाषा चाहे जो भी हो उसके अंदर भाव प्रेम का ही होता है

सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 प्रभाव व उपाय
21 जून का साल का पहला सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। यह ग्रहण बहुत शुभ नहीं है। ये ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण वलयकार होगा, जिसे अंग्रेजी में “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण से थोड़ा अलग होता है।
हमारे देश में दिखाई देने के कारण इस ग्रहण का सूतक माना जाएगा। 21 जून को पड़ने वाले इस ग्रहण का असर न केवल हमारे देश बल्कि भारत सहित पड़ोसी देशों में तीव्रता से दिखाई देने के साथ ही विश्व के अन्य देशों पर भी दिखाई देगा।
ये ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में मिथुन राशि पर होगा। यह ग्रहण लगभग 10 बजकर 32मिनट पर होगा, इसका मध्यकाल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर होगा एवं इसका मोक्ष दोपहर 2 बजकर 2 मिनट पर होगा। ग्रहण की पूरी अवधि लगभग साढ़े 3 घंटे की रहेगी। सूतक 20 जून को रात लगभग 10:10 से ही शुरू हो जाएगा ।सूतक काल में बालक, वृद्ध एवं रोगी को छोड़कर अन्य किसी को भोजन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को खासतौर से सावधानी रखनी चाहिए। ग्रहण काल में भोजन नहीं करना चाहिए।ग्रहण के समय भगवान के नाम का जप करें।सूर्य के बीज मंत्र का जप करें। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का कम से कम 3 बार पाठ करें।
सूतक काल में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। ग्रंथों के अनुसार सूतक काल में मूर्ति स्पर्श वर्जित होता है। इस दौरान कोई शुभ काम शुरू करना अच्छा नहीं माना जाता। केवल स्नान , दान , मन्त्र जाप व भगवान के नाम का जप के लिए ग्रहण काल उपयुक्त होता है । ग्रहण काल में मन्त्र के जप का पुण्य अनंत गुना होता है ।
ग्रहण का फल
इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव
मेष, कन्या और मकर राशि वालों पर ग्रहण का प्रभाव शुभ रहेगा ।
जबकि वृष व मिथुन को स्वास्थ्य में कष्ट हो सकता है। कर्क, तुला, वृश्चिक व धनु राशि को धन हानि व कुंभ और मीन राशि वाले लोगों को भी स्वास्थ्य के प्रति बहुत ही सावधान रहना होगा। शेष पर मध्यम मिश्रित असर रहेगा।
इसमें वृश्चिक व मिथुन राशि वालों को विशेष ध्यान रखना होगा।
यह ग्रहण रविवार को होने से और भी प्रभावी हो गया है। इस ग्रहण के अशुभ प्रभाव से प्राकृतिक आपदाएं भी आ सकती हैं। विश्व के कई देश युद्ध की स्थिति में आ सकते हैं। यह ग्रहण बहुत ही अशुभ है। भारत व चीन के मध्य तथा पाकिस्तान से भी युद्ध जैसी स्थिति आ सकती है।
आर्थिक मंदी रहेगी।रोजगार घटेंगे।अपराध में वृद्धि हो सकती है।
उपाय—
इस सूर्य ग्रहण के दौरान स्नान, दान और मंत्र जाप श्राद्ध करना विशेष फलदायी रहेगा। जिन राशि वाले व्यक्तियों के लिए यह कष्टप्रद है वे ग्रहण से सम्बंधित निर्देशों का पालन करें तथा ग्रहणकाल में अपने घर के किसी साफ व शांत स्थान में बैठकर रामरक्षा स्त्रोत , श्री विष्णुसहस्रनाम व महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें । आदित्य हृदय स्त्रोत का 3 बार पाठ करें । जितनी बार हो सके उतनी बार पाठ करें या संख्या का संकल्प लेकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र मन्त्र का जप करें ।
आर्थिक उन्नति के लिए सभी लोग श्री सूक्त का पाठ कर सकते हैं।इस समय जाँब का संकट रहेगा।ग्रहण काल में अपने राशि के स्वामीग्रह के बीज मंत्र का जप अवश्य करें। यदि आप मांगलिक हैं तो मंगल की पूजा करें।कुंडली के नवम व एकादश भाव के स्वामी ग्रह के बीज मंत्र का जप करने से जाँब में प्रोन्नति होगी व नई जाँब मिल भी सकती है।
सुजीत जी महाराज
05 जून को पेनुमब्रल यानी उपच्छाया चंद्रग्रहण–
05 जून को चंद्रग्रहण है।चंद्रग्रहण 5 जून को रात्रि 11 बजकर 16 मिनट से आरंभ होगा व 6 जून को रात्रि 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण उपच्छाया ग्रहण है। इस ग्रहण से संबंधित किसी भी प्रभाव का असर प्रायः नहीं होता व सूतक का भी असर नहीं होता है।इस दिन चन्द्रमा पृथ्वी की परछाई में प्रवेश करके वहीँ से वापस निकल जाएंगे ।इससे किसी तरह का ग्रास नहीं होगा।इस समय पूर्णिमा तिथि रहती है। ग्रहों के गोचर व दान पुण्य का प्रभाव रहेगा।यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर है।
कैरोना के कहर से कब मिलेगी मुक्ति
–सुजीत जी महाराज—
सूर्य ग्रहण यानि 26 दिसंबर 2019 के समय ही ग्रह स्थितियां बहुत प्रतिकूल थीं।उस समय ही हमने एक दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण के संतकबीरनगर संस्करण में किसी प्राकृतिक आपदा का संकेत किया था।मैंने लिखा था कि यह ग्रहण शुभ नहीं है व उद्योग तथा व्यापार जगत के लिये बहुत ही अशुभ है। दरअसल दिसंबर में शनि, गुरु,सूर्य व केतु एक साथ
धनु राशि में थे।24 जनवरी को शनि मकर राशि में प्रवेश किये हैं। शनि जब भी मकर में प्रवेश करते हैं वह समय अच्छा नहीं होता है।गुरु 30 मार्च को मकर में प्रवेश किये।30 मार्च के बाद गुरु एक साथ मकर में मंगल व शनि के साथ है। 30 मार्च से 14 अपैल तक कैरोना का संक्रमण तेज हुआ।14 के बाद सूर्य मेष में एक माह रहेंगे। 15 अप्रैल से 14 मई फिर तेज हुआ। गुरु 30 जून को वक्री होकर पुनः धनु राशि में आएंगे।30जून तक भारत में कोरोना का कहर बहुत ही तेज होगा।भारत में इसका संक्रमण 30 जुलाई के बाद थोड़ा रुकेगा फिर 15 अगस्त तक तेज होगा। भारत की कुंडली वृष लग्न व कर्क राशि की है। 30 जून के बाद गुरु का वक्री होना भारत के लिए थोड़ा शुभ रहेगा लेकिन कैरोना समाप्त नहीं होगा।जांच बढ़ेगा।लोग अधिक संख्या में ठीक भी होंगे।वर्तमान में चन्द्रमा की महादशा बहुत ही शुभ है कैरोना का संक्रमण भारत में विश्व के अन्य देशों की तुलना में कम होगा तथा भारत में लोग बहुत ज्यादा ठीक भी होंगे।01मई से 27 जुलाई के मध्य चन्द्रमा/शनि/राहु भारत को विश्व गुरु की तरफ ले जाएगा।30 जून तक भारत से चीन या पाकिस्तान के सम्बंध में युद्ध जैसी स्थिति आ सकती है।20 जून के बाद भारत और चीन के संबंध और भी खराब होंगे | चीन को मात खानी पड़ेगी चीनी सेना पीछे हटेगी तथा 3 जुलाई के बाद भारत चीन पर अंतर्राष्ट्रीय विजय प्राप्त करने मे सफल रहेगा | मंगल का कुम्भ गोचर व शनि का मकर में वक्री होना बहुत शुभ नहीं है।कैरोना के साथ सावधानी पूर्वक जीना होगा। भारत की शक्ति से पाकिस्तान को परास्त होना है। 15 जुलाई के बाद विश्व के बड़े बड़े देश भारत के सामने नतमस्तक हो जाएंगे।कई देश भारत से मित्रता का प्रयास तेज कर देंगे। हमारा देश 27 जुलाई के बाद एक महाशक्ति के रूप में उभर कर आएगा।विश्व के कई विकसित देश भारत के साथ व्यापार करना चाहेंगे व सहयोग की आस लगाएंगे। जुलाई के बाद भी कैरोना बीमारी का संक्रमण थोड़ा बहुत चन्द्रमा/
शनि/गुरु यानी 13 अक्टूबर तक रहेगा लेकिन आंशिक रूप से रहेगा।।इसलिए घरों में रहें।सोसल डिस्टेंसिंग का पूर्णतया पालन करें। हाथ साबुन से धुलते रहें।सरकार जैसा आदेश करती है उसका पूर्णतया पालन करें।बहुत भयभीत होने की बात नहीं है।भारत कैरोना को कुचल कर विजयी होगा तथा एक विश्व महाशक्ति के रूप में व विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा। 13 अक्टूबर के बाद इसका कोई समुचित इलाज आ सकता है।
सुजीत जी महाराज


