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Month: June 2018

Fathers day 2018: पिता का सहयोग बढ़ाने के लिए करें ये 11 उपाय

Fathers day 2018: आज कल अगर देखा जाए तो पिता पुत्र के संबन्‍ध बिना बात के ही खराब होने लगे हैं। सूर्य जब भी शनि के साथ रहेगा या दोनों एक दूसरे के घर में रहेंगे तो पिता से वैचारिक मतभेद होगा। इस ‘फादर्स डे’ पर ज्‍योतिष से जानिए कि पिता और पुत्र के बीच के संबन्‍ध को किस तरह से बेहतर बनाया जा सकता है।

 Fathers day 2018

Fathers day 2018 |तस्वीर साभार: Thinkstock

नई दिल्‍ली: हर घर में पिता की एक खास अहमियत होती है। अगर मां के बाद किसी का नाम जुबां पर आता है तो वह है पिता। मां की तरह हमें पिता का प्‍यार दिखाई नहीं देता, लेकिन महसूस जरूर होता है। कई बार पिता और पुत्र के नाजुक रिश्‍ते में दरार आ जाती है जिसकी वजह घर में छोटी छोटी बातों पर कहा सुनी और मन मुटाव होने लगता है।

जिस घर में पिता पुत्र के बीच में लड़ाई झगड़े होते हैं, उस घर का सर्वनाश होने से कोई नहीं रोक सकता। कई बार एक दूसरे से आपसी विचार न मिलने से पिता पुत्र में अनबन होने लगती है।

आज हम इसी बात कपर चर्चा कारेंगे और इस ‘फादर्स डे’ पर ज्‍योतिष के जानकार सुजीत जी महाराज से जानेंगे कि पिता और पुत्र के बीच के संबन्‍ध को किस तरह से बेहतर बनाया जा सकता है।

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पिता का सहयोग बढ़ाने के लिए करें ये 11 उपाय 

1. सूर्य पूजा। गायत्री मंत्र का जप।
2. श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ।
3. गुरु और सूर्य के बीज मंत्र का जप।
4. गुड़ का दान करें। यही नहीं आप चाहें तो मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चने खिला सकते हैं।
5. शनिवार को पीपल के पेड़ को जल अर्पण करें और मीठी चीज चढ़ाएं।
6. पंचमेश और नवमेश की पूजा करें।
7. यदि पुत्र नियमित गुड़ ,चावल,लाल पुष्प मिश्रित जल भगवान सूर्य को अर्पित करे तो पिता से संबंध मधुर बन जाते हैं।
8. पिता पुत्र दोनो मदार की जड़ धारण करें।
9. किसी धार्मिक स्थान पे एक बेल का पौधा लगाएं।
10. प्रत्येक मंगलवार  को गाय को गुड़ खिलाएं और गुरुवार को केला खिलाएं।
11. श्री रामचरितमानस का नियमित पाठ करें।

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142 द‍िन तक शन‍ि रहेंगे वक्री-जानें आपकी राश‍ि पर क्‍या होगा प्रभाव

जब कोई ग्रह अपनी मौजूदा चाल से उल्‍टी दिशा की ओर चलने लगता है तो उसे वक्री कहते हैं। 18 अप्रैल से शन‍ि वक्री हो गए हैं और उनकी यह चाल अगले 142 द‍िन तक रहेगी। इस बीच हर राश‍ि उनकी चाल से प्रभावित होगी। जानें आप पर क्‍या होगा असर…

shani grah to be vakri for next 142 days from 18 april 2018 onwards know the effect on your rashi zodiac sign

शन‍ि देव |तस्वीर साभार: Thinkstock

नई द‍िल्‍ली : अक्षय तृतीया साल का एक ऐसा द‍िन होता है जब बिना किसी शुभ मुहूर्त के कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। इस 18 अप्रैल को यह शुभ तिथ‍ि हुई और इसी के साथ ही शनि धनु राशि में वक्री हो गए। वक्री होने का अर्थ है कि कोई ग्रह अपनी मौजूदा चाल से उलटी दिशा में चलने लगता है। सभी ग्रह वक्री चाल चलना माने जाते हैं लेकिन शन‍ि की वक्री चाल खासतौर पर राश‍ियों के लिए समस्‍या लेकर आती है। इस साल शन‍ि की वक्री चाल 142 द‍िन तक अपना असर दिखाएगी।

बता दें कि शन‍ि का यह वक्र 06 सितम्बर 2018 तक रहेगा। इस तरह 18 अप्रैल से 6 सितंबर तक कुल 142 दिन शनि वक्री रहेंगे। वर्तमान में वृश्चिक, धनु और मकर पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव है। वृष और कन्या पे ढैया चल रही है। ऐसे इन राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। शन‍ि का व्रकी होना जहां स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं लेकर आता है वहीं आसानी से बनने वाले कामों में भी अड़चनें लेकर आती हैं। इस समय जहां मौसम में बदलाव द‍िखता है वहीं पूरे माहौल में आपाधापी और तनाव महसूस होता है। देखा जाए तो मौजूदा स्‍थिति को ऐसा ही कहा जाता है।

Also Read : भारी आवाज, धार्मिक स्‍वभाव – जानें गुरु ग्रह से प्रभावित लोगों का व्‍यक्‍त‍ित्‍व

जानें शन‍ि के वक्री होने का क्‍या प्रभाव होता है – 

  • कारोबार में मंदी का समय रहेगा।
  • राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बढ़ेंगे
  • मौसम बहुत परिवर्तनशील रहेगा।आंधी तूफ़ान आएगा
  • अशांति का माहौल रहेगा
  • शेयर बाजार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहेगी

 

 

Also Read : पत्नी के पैर से जुड़े हैं पति के भविष्य के रहस्य, जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

ज्‍योतिष के जानकार सुजीत जी महाराज से जानें शन‍ि के वक्री होने का आपकी राश‍ि पर प्रभाव –

  1. मेष- कठिन समय। संघर्ष करना होगा। शनि के मेष का नवम गोचर आपको परेशान करेगा।
  2. वृष- अष्टम गोचर स्वास्थ्य खराब करेगा। पारिवारिक तनाव देगा। संघर्ष के बाद सफलता देगा।
  3. मिथुन- सप्तम गोचर जीवन में सफलता दिलाएगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में थोड़ी कठिनाई आएगी।
  4. कर्क- संघर्ष के बाद सफलता। स्वास्थ्य ख़राब करेगा। विवादों से बचने का प्रयास करें।
  5. सिंह- स्वास्थ्य में परेशानी। धन का आगमन। व्यय की अधिकता। जॉब में परेशानी। संतान से लाभ।
  6. कन्या- अशुभ प्रभाव रहेगा। आप ढैया से भी प्रभावित हैं। कोई बड़ी विपत्ति आ सकती है। स्वास्थ्य ख़राब रहेगा।
  7. तुला- सफलता। शुभ समाचार की प्राप्ति। धन का आगमन। कोई नया व्यापार प्रारम्भ करेंगे।
  8. वृश्चिक- धन का आगमन। व्यापार में वृद्धि। व्यवसाय में धन का आगमन। शुभ ही शुभ रहेगा
  9. धनु- प्रथम भाव का गोचर संघर्ष देगा। परिश्रम के बाद सफलता। पारिवारिक जीवन में कठिनाई। मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ेगा।
  10. मकर- समस्याओं का आगमन। बारहवां गोचर बहुत शुभ नहीं होता। विदेश यात्रा हो सकती है। आय प्राप्ति के स्रोत बढ़ेंगे।
  11. कुंभ- ग्यारहवां गोचर। बहुत शुभ। धन की प्राप्ति। हर तरफ से सुखद समाचार मिलेंगे। कोई अकस्मात धन मिल जायेगा। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा
  12. मीन- दशवें गोचर के प्रभाव से कष्ट मिलेगा। व्यय बढ़ेगा। जॉब में परिवर्तन या स्थानांतरण संभव।

शन‍ि के वक्री होने का समय संयम के साथ काटें। शन‍ि का जाप करें और शन‍िवार को उन पर तेल चढ़ाकर उनकी आरती करें।

 

 

142 द‍िन तक शन‍ि रहेंगे वक्री-जानें आपकी राश‍ि पर क्‍या होगा प्रभाव

जब कोई ग्रह अपनी मौजूदा चाल से उल्‍टी दिशा की ओर चलने लगता है तो उसे वक्री कहते हैं। 18 अप्रैल से शन‍ि वक्री हो गए हैं और उनकी यह चाल अगले 142 द‍िन तक रहेगी। इस बीच हर राश‍ि उनकी चाल से प्रभावित होगी। जानें आप पर क्‍या होगा असर…

shani grah to be vakri for next 142 days from 18 april 2018 onwards know the effect on your rashi zodiac sign

शन‍ि देव |तस्वीर साभार: Thinkstock

नई द‍िल्‍ली : अक्षय तृतीया साल का एक ऐसा द‍िन होता है जब बिना किसी शुभ मुहूर्त के कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। इस 18 अप्रैल को यह शुभ तिथ‍ि हुई और इसी के साथ ही शनि धनु राशि में वक्री हो गए। वक्री होने का अर्थ है कि कोई ग्रह अपनी मौजूदा चाल से उलटी दिशा में चलने लगता है। सभी ग्रह वक्री चाल चलना माने जाते हैं लेकिन शन‍ि की वक्री चाल खासतौर पर राश‍ियों के लिए समस्‍या लेकर आती है। इस साल शन‍ि की वक्री चाल 142 द‍िन तक अपना असर दिखाएगी।

बता दें कि शन‍ि का यह वक्र 06 सितम्बर 2018 तक रहेगा। इस तरह 18 अप्रैल से 6 सितंबर तक कुल 142 दिन शनि वक्री रहेंगे। वर्तमान में वृश्चिक, धनु और मकर पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव है। वृष और कन्या पे ढैया चल रही है। ऐसे इन राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। शन‍ि का व्रकी होना जहां स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं लेकर आता है वहीं आसानी से बनने वाले कामों में भी अड़चनें लेकर आती हैं। इस समय जहां मौसम में बदलाव द‍िखता है वहीं पूरे माहौल में आपाधापी और तनाव महसूस होता है। देखा जाए तो मौजूदा स्‍थिति को ऐसा ही कहा जाता है।

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जानें शन‍ि के वक्री होने का क्‍या प्रभाव होता है – 

  • कारोबार में मंदी का समय रहेगा।
  • राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बढ़ेंगे
  • मौसम बहुत परिवर्तनशील रहेगा।आंधी तूफ़ान आएगा
  • अशांति का माहौल रहेगा
  • शेयर बाजार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहेगी

 

 

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ज्‍योतिष के जानकार सुजीत जी महाराज से जानें शन‍ि के वक्री होने का आपकी राश‍ि पर प्रभाव –

  1. मेष- कठिन समय। संघर्ष करना होगा। शनि के मेष का नवम गोचर आपको परेशान करेगा।
  2. वृष- अष्टम गोचर स्वास्थ्य खराब करेगा। पारिवारिक तनाव देगा। संघर्ष के बाद सफलता देगा।
  3. मिथुन- सप्तम गोचर जीवन में सफलता दिलाएगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में थोड़ी कठिनाई आएगी।
  4. कर्क- संघर्ष के बाद सफलता। स्वास्थ्य ख़राब करेगा। विवादों से बचने का प्रयास करें।
  5. सिंह- स्वास्थ्य में परेशानी। धन का आगमन। व्यय की अधिकता। जॉब में परेशानी। संतान से लाभ।
  6. कन्या- अशुभ प्रभाव रहेगा। आप ढैया से भी प्रभावित हैं। कोई बड़ी विपत्ति आ सकती है। स्वास्थ्य ख़राब रहेगा।
  7. तुला- सफलता। शुभ समाचार की प्राप्ति। धन का आगमन। कोई नया व्यापार प्रारम्भ करेंगे।
  8. वृश्चिक- धन का आगमन। व्यापार में वृद्धि। व्यवसाय में धन का आगमन। शुभ ही शुभ रहेगा
  9. धनु- प्रथम भाव का गोचर संघर्ष देगा। परिश्रम के बाद सफलता। पारिवारिक जीवन में कठिनाई। मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ेगा।
  10. मकर- समस्याओं का आगमन। बारहवां गोचर बहुत शुभ नहीं होता। विदेश यात्रा हो सकती है। आय प्राप्ति के स्रोत बढ़ेंगे।
  11. कुंभ- ग्यारहवां गोचर। बहुत शुभ। धन की प्राप्ति। हर तरफ से सुखद समाचार मिलेंगे। कोई अकस्मात धन मिल जायेगा। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा
  12. मीन- दशवें गोचर के प्रभाव से कष्ट मिलेगा। व्यय बढ़ेगा। जॉब में परिवर्तन या स्थानांतरण संभव।

शन‍ि के वक्री होने का समय संयम के साथ काटें। शन‍ि का जाप करें और शन‍िवार को उन पर तेल चढ़ाकर उनकी आरती करें।

 

 

142 द‍िन तक शन‍ि रहेंगे वक्री-जानें आपकी राश‍ि पर क्‍या होगा प्रभाव

जब कोई ग्रह अपनी मौजूदा चाल से उल्‍टी दिशा की ओर चलने लगता है तो उसे वक्री कहते हैं। 18 अप्रैल से शन‍ि वक्री हो गए हैं और उनकी यह चाल अगले 142 द‍िन तक रहेगी। इस बीच हर राश‍ि उनकी चाल से प्रभावित होगी। जानें आप पर क्‍या होगा असर…

shani grah to be vakri for next 142 days from 18 april 2018 onwards know the effect on your rashi zodiac sign

शन‍ि देव |तस्वीर साभार: Thinkstock

नई द‍िल्‍ली : अक्षय तृतीया साल का एक ऐसा द‍िन होता है जब बिना किसी शुभ मुहूर्त के कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। इस 18 अप्रैल को यह शुभ तिथ‍ि हुई और इसी के साथ ही शनि धनु राशि में वक्री हो गए। वक्री होने का अर्थ है कि कोई ग्रह अपनी मौजूदा चाल से उलटी दिशा में चलने लगता है। सभी ग्रह वक्री चाल चलना माने जाते हैं लेकिन शन‍ि की वक्री चाल खासतौर पर राश‍ियों के लिए समस्‍या लेकर आती है। इस साल शन‍ि की वक्री चाल 142 द‍िन तक अपना असर दिखाएगी।

बता दें कि शन‍ि का यह वक्र 06 सितम्बर 2018 तक रहेगा। इस तरह 18 अप्रैल से 6 सितंबर तक कुल 142 दिन शनि वक्री रहेंगे। वर्तमान में वृश्चिक, धनु और मकर पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव है। वृष और कन्या पे ढैया चल रही है। ऐसे इन राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। शन‍ि का व्रकी होना जहां स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं लेकर आता है वहीं आसानी से बनने वाले कामों में भी अड़चनें लेकर आती हैं। इस समय जहां मौसम में बदलाव द‍िखता है वहीं पूरे माहौल में आपाधापी और तनाव महसूस होता है। देखा जाए तो मौजूदा स्‍थिति को ऐसा ही कहा जाता है।

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जानें शन‍ि के वक्री होने का क्‍या प्रभाव होता है – 

  • कारोबार में मंदी का समय रहेगा।
  • राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बढ़ेंगे
  • मौसम बहुत परिवर्तनशील रहेगा।आंधी तूफ़ान आएगा
  • अशांति का माहौल रहेगा
  • शेयर बाजार की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहेगी

 

 

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ज्‍योतिष के जानकार सुजीत जी महाराज से जानें शन‍ि के वक्री होने का आपकी राश‍ि पर प्रभाव –

  1. मेष- कठिन समय। संघर्ष करना होगा। शनि के मेष का नवम गोचर आपको परेशान करेगा।
  2. वृष- अष्टम गोचर स्वास्थ्य खराब करेगा। पारिवारिक तनाव देगा। संघर्ष के बाद सफलता देगा।
  3. मिथुन- सप्तम गोचर जीवन में सफलता दिलाएगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में थोड़ी कठिनाई आएगी।
  4. कर्क- संघर्ष के बाद सफलता। स्वास्थ्य ख़राब करेगा। विवादों से बचने का प्रयास करें।
  5. सिंह- स्वास्थ्य में परेशानी। धन का आगमन। व्यय की अधिकता। जॉब में परेशानी। संतान से लाभ।
  6. कन्या- अशुभ प्रभाव रहेगा। आप ढैया से भी प्रभावित हैं। कोई बड़ी विपत्ति आ सकती है। स्वास्थ्य ख़राब रहेगा।
  7. तुला- सफलता। शुभ समाचार की प्राप्ति। धन का आगमन। कोई नया व्यापार प्रारम्भ करेंगे।
  8. वृश्चिक- धन का आगमन। व्यापार में वृद्धि। व्यवसाय में धन का आगमन। शुभ ही शुभ रहेगा
  9. धनु- प्रथम भाव का गोचर संघर्ष देगा। परिश्रम के बाद सफलता। पारिवारिक जीवन में कठिनाई। मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ेगा।
  10. मकर- समस्याओं का आगमन। बारहवां गोचर बहुत शुभ नहीं होता। विदेश यात्रा हो सकती है। आय प्राप्ति के स्रोत बढ़ेंगे।
  11. कुंभ- ग्यारहवां गोचर। बहुत शुभ। धन की प्राप्ति। हर तरफ से सुखद समाचार मिलेंगे। कोई अकस्मात धन मिल जायेगा। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा
  12. मीन- दशवें गोचर के प्रभाव से कष्ट मिलेगा। व्यय बढ़ेगा। जॉब में परिवर्तन या स्थानांतरण संभव।

शन‍ि के वक्री होने का समय संयम के साथ काटें। शन‍ि का जाप करें और शन‍िवार को उन पर तेल चढ़ाकर उनकी आरती करें।

 

 

छोटे बच्‍चों को क्‍यों लगाते हैं काला टीका

छोटे बच्‍चों को अक्‍सर उनके माथे या कान के पीछे काला टीका लगाते हैं। ऐसा उनको नजर से बचाने के लिए किया जाता है। यहां जानें कैसे काला टीका बच्‍चों को शन‍ि की नजर से भी बचाता है और क्‍या है इसे लगाने का सही तरीका –

Chhote bachchon ko kyon lagate hain kaala teeka kya hai iska tareeka laabh fayde

काला टीका लगाने से शनि प्रसन्न होते हैं |तस्वीर साभार: Thinkstock

नई द‍िल्‍ली : छोटे बच्‍चे को देखकर सभी का मन करता है उसको गोद में लेकर पुचकारने का। उनको देखकर सभी उनकी ओर ख‍िंचते हैं। हालांक‍ि ऐसे में बच्‍चों को नजर लगने की संभावना रहती है। यही वजह है कि हमारे यहां छोटे बच्‍चों को काला टीका लगाकर रखने की परंपरा है। वैसे कम ही लोग जानते हैं क‍ि काला टीका लगाकर रखना शन‍ि को प्रसन्‍न रखता है जिससे उनकी टेढ़ी नजर बच्‍चों पर नहीं पड़ती है। लेकिन क्‍या सिर्फ माथे पर काला टीका लगाना ही सही है या फ‍िर इसकी कोई और व‍िध‍ि है।

छोटे बच्‍चों को भगवान का रूप माना जाता है। मान्‍यता है कि वे विष्णु जी के बाल स्वरूप और लड्डू गोपाल होते हैं। ज्‍योतिषाचार्य सुजीत महाराज कहते हैं क‍ि बच्‍चों का भोला रूप देखकर सभी उनकी जो तारीफ करते हैं, वह बोली हुई ऊर्जा कई बार अपना नकारात्मक प्रभाव दिखाना प्रारम्भ कर देती है जिससे बालक रोने लगता है। वहीं काले रंग काला रंग शोषक है। वह नकारात्मकता को दूर करता है। जब माताएं काला रंग बच्चे को लगाती हैं तो वही नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।

Also Read : 13 तारीख के शुक्रवार को लेकर ऐसा है डर, घर में कैद हो जाते हैं लोग​

कैसे लगाएं बच्‍चे को काला टीका  
अमावस्या के काजल को पूरे वर्ष संजो के रखिये और उसी को बच्चे के मस्तक पर और दोनों पैरों के तलवों पर भी लगाइये। आपकी जानकारी के लिए बता दें क‍ि काले टीके को अमावस्या की रात्रि में तिल के तेल का दीपक जलाके उससे बनाते हैं। दीपावली की रात्रि का बना काजल तो बहुत ही अच्छा होता है।

सर्वप्रथम काले काजल के टीके को भगवान बालकृष्ण के चरणों में लगाइये और उनके सम्मुख घी का दीपक जलाकर फिर वहां से टीका लेकर सीधे पहले बच्चे के मस्तक पर लाएग ,फिर हृदय पर और फिर दोनों पैरों के तलवे पे लगाइये और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करते रहिए।इस प्रकार आपका बालक भी स्वस्थ रहेगा। उसका विकास भी होगा और वह नजर से भी बचा रहेगा।

 

 

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शन‍ि को प्रसन्‍न करता है काला टीका 
काला टीका लगाने से शनि प्रसन्न होते हैं ।शनि कभी भी बाल रूप को परेशान नहीं करते हैं। यहां तक कहा गया है कि भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करने वालों से शनि हमेशा प्रसन्न रहते हैं। शन‍ि कृपा के लिए काला धागा बच्‍चे पैर में भी बांधें और करधन जो कि काले ही रंग की होती है, उसे बालक के कमर में बाधें। एक बात और – चंद्रमा भी साथ में बच्चे को धारण कराइये तो शुभता में वृद्धि होगी।

छोटे बच्‍चों को क्‍यों लगाते हैं काला टीका

छोटे बच्‍चों को अक्‍सर उनके माथे या कान के पीछे काला टीका लगाते हैं। ऐसा उनको नजर से बचाने के लिए किया जाता है। यहां जानें कैसे काला टीका बच्‍चों को शन‍ि की नजर से भी बचाता है और क्‍या है इसे लगाने का सही तरीका –

Chhote bachchon ko kyon lagate hain kaala teeka kya hai iska tareeka laabh fayde

काला टीका लगाने से शनि प्रसन्न होते हैं |तस्वीर साभार: Thinkstock

नई द‍िल्‍ली : छोटे बच्‍चे को देखकर सभी का मन करता है उसको गोद में लेकर पुचकारने का। उनको देखकर सभी उनकी ओर ख‍िंचते हैं। हालांक‍ि ऐसे में बच्‍चों को नजर लगने की संभावना रहती है। यही वजह है कि हमारे यहां छोटे बच्‍चों को काला टीका लगाकर रखने की परंपरा है। वैसे कम ही लोग जानते हैं क‍ि काला टीका लगाकर रखना शन‍ि को प्रसन्‍न रखता है जिससे उनकी टेढ़ी नजर बच्‍चों पर नहीं पड़ती है। लेकिन क्‍या सिर्फ माथे पर काला टीका लगाना ही सही है या फ‍िर इसकी कोई और व‍िध‍ि है।

छोटे बच्‍चों को भगवान का रूप माना जाता है। मान्‍यता है कि वे विष्णु जी के बाल स्वरूप और लड्डू गोपाल होते हैं। ज्‍योतिषाचार्य सुजीत महाराज कहते हैं क‍ि बच्‍चों का भोला रूप देखकर सभी उनकी जो तारीफ करते हैं, वह बोली हुई ऊर्जा कई बार अपना नकारात्मक प्रभाव दिखाना प्रारम्भ कर देती है जिससे बालक रोने लगता है। वहीं काले रंग काला रंग शोषक है। वह नकारात्मकता को दूर करता है। जब माताएं काला रंग बच्चे को लगाती हैं तो वही नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।

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कैसे लगाएं बच्‍चे को काला टीका  
अमावस्या के काजल को पूरे वर्ष संजो के रखिये और उसी को बच्चे के मस्तक पर और दोनों पैरों के तलवों पर भी लगाइये। आपकी जानकारी के लिए बता दें क‍ि काले टीके को अमावस्या की रात्रि में तिल के तेल का दीपक जलाके उससे बनाते हैं। दीपावली की रात्रि का बना काजल तो बहुत ही अच्छा होता है।

सर्वप्रथम काले काजल के टीके को भगवान बालकृष्ण के चरणों में लगाइये और उनके सम्मुख घी का दीपक जलाकर फिर वहां से टीका लेकर सीधे पहले बच्चे के मस्तक पर लाएग ,फिर हृदय पर और फिर दोनों पैरों के तलवे पे लगाइये और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करते रहिए।इस प्रकार आपका बालक भी स्वस्थ रहेगा। उसका विकास भी होगा और वह नजर से भी बचा रहेगा।

 

 

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शन‍ि को प्रसन्‍न करता है काला टीका 
काला टीका लगाने से शनि प्रसन्न होते हैं ।शनि कभी भी बाल रूप को परेशान नहीं करते हैं। यहां तक कहा गया है कि भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करने वालों से शनि हमेशा प्रसन्न रहते हैं। शन‍ि कृपा के लिए काला धागा बच्‍चे पैर में भी बांधें और करधन जो कि काले ही रंग की होती है, उसे बालक के कमर में बाधें। एक बात और – चंद्रमा भी साथ में बच्चे को धारण कराइये तो शुभता में वृद्धि होगी।

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15 जनवरी को मकर संक्रांति Astro Facebook कुछ कार्य बहुत अच्छा भी कर देता है Meditation moon-eclipse Numerology Spiritual significance of Shravan month-- sujeet jee maharaj on india voice tv Tarot Vedicastrology Virgo Zodiac अग्रज श्री जितेंद्र त्रिपाठी सर को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं अयोध्या महोत्सव में आध्यात्मिक लेखन के लिए सम्मान आत्म आनंदित रहने में ही सुख इन राश‍ियों के ल‍िए ला रहा है कष्‍ट उपच्छाया चन्द्रग्रहण कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त।मेरे लिखे पूरे लेख को पढ़ें राष्ट्रीय सहारा में कार्तिक पूर्णिमा की बहुत शुभकामनाएं।आज मेरे लिखे वक्तव्य को पढ़ सकते हैं दैनिक जागरण में। कार्त‍िक पूर्ण‍िमा पर साल का आख‍िरी चंद्र ग्रहण काशी के विद्वान अनुज ज्योतिषियों व तांत्रिकों के साथ खग्रास चन्द्र ग्रहण दिनांक 08 नवम्बर को--सुजीत जी महाराज- गाय हमारी माता है चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव व दान-- चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से आरम्भ होगा जन्मकुंडली डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह जी को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं तीज 2 सितंबर को ही मनाना उचित रहेगा तुम हकीकत दीपावली 24 अक्टूबर पूजा का शुभ मुहूर्त-- धनतेरस पर राशि अनुरूप करें खरीदारी। पायनियर में मकर संक्रांति में उदया तिथि ली जाती है मार्कण्डेय धाम में पंडित प्रेम गिरी जी का साधना और विश्राम कक्ष मेरा लेख पढ़ें राष्ट्रीय सहारा में। रहीस मीडिया का सलाहकर बनाने के लिए बहुत बधाई लोगों की प्रगति देखकर बहुत प्रसन्नता वट वृक्ष की पूजा शिव मंदिर में रुद्राभिषेक श्राद्ध के अगले दिन से नवरात्रि पूजा नहीं कर पाएंगे।लगेगा पुरुषोत्तम मास श्री राम कथा संतकबीरनगर की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल जी को पुस्तक भेंट करते हुए।साथ में गुरुदेव डॉक्टर हरिद्वार शुक्ल जी सुजीत जी महाराज हरिशयनी एकादशी को व्रत होली की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं

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