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Month: June 2018

गायत्री जयंती पर जरूर करें ये 14 काम, दूर होंगे सभी कष्‍ट और जीवन में आएंगी खुशियां

 

gayti mantra

गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है। यह गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। इस दिन कुछ ऐसे खास काम जरूर करने चाहिये, जिससे मां गायत्री खुश होती हैं और कष्‍टों को दूर करती हैं।

 Gayatri Jayanti

Gayatri Jayanti |तस्वीर साभार: BCCL

सुजीत महाराज/नई द‍िल्‍ली : गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है जो प्रायः गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन भी यह पर्व मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की एकादशी शुक्रवार 25 मई 2018 को है।

गायत्री माता माँ गायत्री प्रज्ञा की देवी हैं। गायत्री जी का वाहन हंस है। मां गायत्री व्‍यक्‍ती के अदंर विवे को जागृत कर के अच्‍छे और बुरे का ज्ञान करवाती हैं। यह में सच्‍चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मां गायत्री के एक हाथ में पुस्‍तक और दूसरे हाथ में कमण्डल होता है। गायत्री मंत्र सबसे बड़ा मंत्र होता है। इसकी महिमा को सभी शास्त्रों, संप्रदायों और ऋषि-मुनियों ने एक स्वर में स्वीकार्य की है। गायत्री जयंती के दिन यदि पूरा फल पाना है तो गायत्री जयंती के दिन कुछ ऐसे काम करें जिससे उसका पूरा फल मिले।

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गायत्री जयन्ती को क्या करें

1. गायत्री मन्त्र का जप करके हवन करें।
2. सूर्य पूजा करें।
3. श्री आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें।
4. अन्न का दान करें।
5. गुड़ और गेहूं का दान करें।
6. पवित्र नदी में स्नान करें।
7. धार्मिक पुस्तक का दान करें।
8. इस दिन भंडारा करायें। लोगों को शीतल जल पिलायें।घर की छत पे  जल से भरा पात्र रखें जिससे चिड़ियों के कंठ तृप्त हो सकें।
9. सत्य बोलनें का प्रयास करें।
10.  फलाहार व्रत रहें।
11. किसी से कटु वाणी का प्रयोग मत करें।
13 .सूर्य के बीज मन्त्र का जप आपको प्रतिष्ठा दिलाएगा।
14. सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

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इस प्रकार गायत्री जयंती बहुत महत्वपूर्ण है।भगवान कृष्ण ने गीता में मंत्रों में अपने आपको गायत्री कहा है।अतः यह जयंती पुण्य प्राप्ति का महान अवसर प्रदान करती है।

गायत्री जयंती पर जरूर करें ये 14 काम, दूर होंगे सभी कष्‍ट और जीवन में आएंगी खुशियां

 

gayti mantra

गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है। यह गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। इस दिन कुछ ऐसे खास काम जरूर करने चाहिये, जिससे मां गायत्री खुश होती हैं और कष्‍टों को दूर करती हैं।

 Gayatri Jayanti

Gayatri Jayanti |तस्वीर साभार: BCCL

सुजीत महाराज/नई द‍िल्‍ली : गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है जो प्रायः गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन भी यह पर्व मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की एकादशी शुक्रवार 25 मई 2018 को है।

गायत्री माता माँ गायत्री प्रज्ञा की देवी हैं। गायत्री जी का वाहन हंस है। मां गायत्री व्‍यक्‍ती के अदंर विवे को जागृत कर के अच्‍छे और बुरे का ज्ञान करवाती हैं। यह में सच्‍चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मां गायत्री के एक हाथ में पुस्‍तक और दूसरे हाथ में कमण्डल होता है। गायत्री मंत्र सबसे बड़ा मंत्र होता है। इसकी महिमा को सभी शास्त्रों, संप्रदायों और ऋषि-मुनियों ने एक स्वर में स्वीकार्य की है। गायत्री जयंती के दिन यदि पूरा फल पाना है तो गायत्री जयंती के दिन कुछ ऐसे काम करें जिससे उसका पूरा फल मिले।

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गायत्री जयन्ती को क्या करें

1. गायत्री मन्त्र का जप करके हवन करें।
2. सूर्य पूजा करें।
3. श्री आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें।
4. अन्न का दान करें।
5. गुड़ और गेहूं का दान करें।
6. पवित्र नदी में स्नान करें।
7. धार्मिक पुस्तक का दान करें।
8. इस दिन भंडारा करायें। लोगों को शीतल जल पिलायें।घर की छत पे  जल से भरा पात्र रखें जिससे चिड़ियों के कंठ तृप्त हो सकें।
9. सत्य बोलनें का प्रयास करें।
10.  फलाहार व्रत रहें।
11. किसी से कटु वाणी का प्रयोग मत करें।
13 .सूर्य के बीज मन्त्र का जप आपको प्रतिष्ठा दिलाएगा।
14. सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

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इस प्रकार गायत्री जयंती बहुत महत्वपूर्ण है।भगवान कृष्ण ने गीता में मंत्रों में अपने आपको गायत्री कहा है।अतः यह जयंती पुण्य प्राप्ति का महान अवसर प्रदान करती है।

पुरुषोत्तम मास शिव उपासना के लिए बहुत उत्तम अवसर

ॐ नमः शिवाय।पुरुषोत्तम मास और सोमवार का दिन शिव उपासना के लिए बहुत उत्तम अवसर है।शिव कल्याणकारी हैं।दयालु हैं।बहुत बड़े दानी हैं।जल्द प्रसन्न होने वाले हैं।श्री राम के प्रिय ईश्वर हैं।कष्टों को हरने वाले और विध्नों को समाप्त करने वाले हैं।वैराग्य हैं।समाधि हैं।सर्वाधिक पूज्यनीय हैं।भगवान राम तो शिव के अनन्य भक्त हैं।शिव उपासना के बिना जीवन व्यर्थ है।भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक करें।श्री राम कथा इनको बहुत प्रिय है।रोग से ग्रस्त लोग कुशोदक से रुद्राभिषेक करें।महामृत्युंजय मंत्र का जप विशेष फलदायी है।बहुत ही सहज और सरल तरीके से मन की निर्मलता बनाये हुए भक्ति भाव से की गई निष्काम पूजा ही सबसे अच्छी मानी गई है।भगवान राम की सहजता और विनम्रता को देखिए।निर्भयता तभी रहेगी जब हम ईश्वर पे सब कुछ छोड़ देंगे।भगवान कृष्ण भी गीता के 18 वें अध्याय के अंत तक आते आते सम्पूर्ण समर्पण की बात कहते कहते सर्वधर्मनपरित्यजयः तक की बात कहके मामेकं शरणं व्रजः तक की बात अर्जुन से कह डाले।
आइए सहजता बनाये रखें।किस बात का अहंकार।जब सब उसी शिव का दिया हुआ है और जब वो चाहेगा ले लेगा तो कैसा अहंकार।याद रहे मृत्यु को हमेशा याद करने से भगवान के प्रति प्रेम बढ़ जाता है।पुण्य प्रारम्भ हो जाते हैं।श्मसान घाट अवश्य जाना चाहिए वहां जाके शरीर की नश्वरता का बोध होता है।शिव जगाते हैं।शिव सत्य हैं।शिव सुंदर हैं।शिव इह लोक और पर लोक दोनों को ठीक करते हैं।
ॐ नमः शिवाय
श्री सुजीत जी।

ब्रम्ह और शक्ति का सम्मिलन ही सृष्टि है

जनक सुता जग जननि जानकी ।अतिसय प्रिय करूनानिधान की।।
ताके जुग पद कमल मनावउँ।जासु कृपा निर्मल मति पावउँ।।
निर्मल बुद्धि प्राप्त करने का ये अचूक महा मंत्र है।
राम ब्रम्ह है।सीता शक्ति।ब्रम्ह और शक्ति का सम्मिलन ही सृष्टि है।माता सीता शक्तिस्वरूपा हैं।शौनकीय तंत्र के अनुसार वे मूल प्रकृति कहलाने वाली आदिशक्ति भगवती हैं,जो इच्छाशक्ति,क्रियाशक्ति और साक्षात शक्ति,इन तीनो रूपों में प्रकट हुई हैं।माता सीता छमा की मूर्ति हैं क्योंकि वह पृथ्वी की पुत्री हैं।श्री हनुमान जी को अजर और अमर बनने के आशीर्वाद देने की शक्ति माता सीता में ही है।हे ममतामयी माता आप राम के पहले आती हैं।हमारी बुद्धि को निर्मल करते हुए हमको श्री राम भक्ति का आशीर्वाद देते हुए हमको तर्क से दूर करते हुए सिर्फ और सिर्फ श्री राम प्रभु की भक्ति प्रदान कीजिये।
जय सीता राम।
श्री सुजीत जी ।

मिथुन संक्रांति-पुण्य प्राप्ति का महान अवसर

दिनांक 15 जून अर्थात मिथुन संक्रांति।पुण्य प्राप्ति का महान अवसर।अपने कर्म को करते हुए श्री कृष्ण चरणों में सम्पूर्ण कर्मों को समर्पित करते हुए श्री हरि चरणों में समर्पण ही भगवान की सबसे अच्छी सेवा है।सूर्य एक राशि में एक माह रहते हैं।इस बार 15 जून को भगवान आदित्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।प्रत्येक राशि के स्वामी ग्रह होते हैं।इस दिन पवित्र नदी का स्नान कर राशि के द्रव्यों का दान करें।श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें।प्रातः उठकर सूर्य प्रणाम करें।किसी की निंदा मत करें।सबसे प्रेम करें।सूर्य आत्मा है।पिता का कारक ग्रह है।मिथुन का स्वामी ग्रह बुध है।सूर्य का बुध की राशि में आना एक शुभ संकेत होता है।वाणी को बुध प्रभावित करता है।जितना मीठा बोलेंगे।मन को निर्मल करेंगे।माता ,पिता और गुरु का सम्मान करते हुए श्री हरि नाम संकीर्तन करेंगे आपको उतना ही पुण्य प्राप्त होगा।पुण्य का संचय ही तो मानव जीवन का असली bank balance है जो हमारी रक्षा करता है।आइए इस महान संक्रांति का लाभ उठाएं।
जय सीता राम।
श्री सुजीत जी 

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15 जनवरी को मकर संक्रांति Astro Facebook कुछ कार्य बहुत अच्छा भी कर देता है Meditation moon-eclipse Numerology Spiritual significance of Shravan month-- sujeet jee maharaj on india voice tv Tarot Vedicastrology Virgo Zodiac अग्रज श्री जितेंद्र त्रिपाठी सर को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं अयोध्या महोत्सव में आध्यात्मिक लेखन के लिए सम्मान आत्म आनंदित रहने में ही सुख इन राश‍ियों के ल‍िए ला रहा है कष्‍ट उपच्छाया चन्द्रग्रहण कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त।मेरे लिखे पूरे लेख को पढ़ें राष्ट्रीय सहारा में कार्तिक पूर्णिमा की बहुत शुभकामनाएं।आज मेरे लिखे वक्तव्य को पढ़ सकते हैं दैनिक जागरण में। कार्त‍िक पूर्ण‍िमा पर साल का आख‍िरी चंद्र ग्रहण काशी के विद्वान अनुज ज्योतिषियों व तांत्रिकों के साथ खग्रास चन्द्र ग्रहण दिनांक 08 नवम्बर को--सुजीत जी महाराज- गाय हमारी माता है चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव व दान-- चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से आरम्भ होगा जन्मकुंडली डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह जी को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं तीज 2 सितंबर को ही मनाना उचित रहेगा तुम हकीकत दीपावली 24 अक्टूबर पूजा का शुभ मुहूर्त-- धनतेरस पर राशि अनुरूप करें खरीदारी। पायनियर में मकर संक्रांति में उदया तिथि ली जाती है मार्कण्डेय धाम में पंडित प्रेम गिरी जी का साधना और विश्राम कक्ष मेरा लेख पढ़ें राष्ट्रीय सहारा में। रहीस मीडिया का सलाहकर बनाने के लिए बहुत बधाई लोगों की प्रगति देखकर बहुत प्रसन्नता वट वृक्ष की पूजा शिव मंदिर में रुद्राभिषेक श्राद्ध के अगले दिन से नवरात्रि पूजा नहीं कर पाएंगे।लगेगा पुरुषोत्तम मास श्री राम कथा संतकबीरनगर की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल जी को पुस्तक भेंट करते हुए।साथ में गुरुदेव डॉक्टर हरिद्वार शुक्ल जी सुजीत जी महाराज हरिशयनी एकादशी को व्रत होली की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं

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