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Month: June 2018

हनुमान जयंती 2018 : 30 साल बाद बना शनि का ये अनोखा योग

चैत्र माह की पूर्णिमा को ही हनुमान जी का जन्म होने के कारण इसी दिन श्री हनुमान जयंती मनाते हैं। वहीं, महावीर हनुमान को महाकाल शिव का 11वां रुद्रावतार माना गया है।

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भगवान हनुमान |तस्वीर साभार: BCCL

नई दिल्ली.  31 मार्च को भक्ति के पर्याय और श्री राम दूत तथा संकटों को पल भर में दूर करने वाले श्रो हनुमान जी की जयंती है।  माना जाता है कि श्री हनुमान ही मातंग ऋषी के शिष्य थे। सूर्य देव और नारद जी से भी इन्होनें कई गूढ़ विद्याएं सीखीं। चैत्र माह की पूर्णिमा को ही हनुमान जी का जन्म होने के कारण इसी दिन श्री हनुमान जयंती मनाते हैं। वहीं, महावीर हनुमान को महाकाल शिव का 11वां रुद्रावतार माना गया है।

इस साल हनुमान जयंती के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके स्वामी सूर्य नारायण हैं। 18 मार्च से हिंदू नववर्ष का आरंभ हुआ है, जिसके राजा सूर्य और मंत्री उनके पुत्र शनि हैं। 2018 में शनिवार के दिन हनुमान जयंती आने से इसके प्रभाव में वृद्धि हुई है। वर्तमान समय में शनि धनु राशि में और मंगल मकर राशि में वास कर रहे हैं। हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर शनि-मंगल का ये योग 30 वर्ष उपरांत बना है। इस योग में किए गए उपाय शीघ्र अपना प्रभाव दिखाते हैं और जातक को अक्षय पुण्य प्राप्त होते हैं।

Shani Dev

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इन मंत्रों का करें जाप 
भय नाश करने के लिए हनुमान मंत्र है-  ॐ हं हनुमते नम:।। वहीं, सर्व बाधाओं से मुक्ति हेतु! द्वादशाक्षर हनुमान मंत्र है- ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट।। वहीं, मनोकामना पूर्ण करवाने के लिए मंत्र है- महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये।। शत्रुओं और रोगों पर विजय पाने के लिए- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।। संकट दूर करने का हनुमान मंत्र : ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।।

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क्‍या है हनुमान जयंती 2018 का मुहूर्त 
ज्‍योतिष के जानकार सुजीत महाराज बताते हैं क‍ि हनुमान जयंती 30 मार्च को सायंकाल 07:35 से 31 को शाम 06:06 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि 31 को होने के कारण पूर्णिमा 31 को ही मनाई जाएगी और उसी दिन पूरी रात्रि और पूरा दिन श्री हनुमान जयंती मनाई जाती है। 31की रात्रि को पूजा का विशेष फल है क्योंकि चैत्र पूर्णिमा की रात्रि में ही हनुमान जयंती मनाने का प्रावधान है।

Navratri में होती है तंत्र साधना

नवरात्र के द‍िनों में तंत्र साधना भी होती है। शक्‍त‍ि की महिमा से भरे इन द‍िनों में जानें किन मंत्रों का होता है जाप और किस नवरात्र की रात में मंत्र होते हैं स‍िद्ध –

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तस्वीर साभार: BCCL

नई द‍िल्‍ली : Navratri नवरात्र में शक्ति उपासना के तौर पर माता दुर्गा की उपासना की जाती है। महा काली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती के रूप में साधक अपने विभिन्न इष्ट के रूप में माता की पूजा अर्चना करते हैं। माता काली की पूजा भी साधक इस समय बहुत तेज कर देते हैं ताकि तांत्रिक सिद्धियां प्राप्त हो सकें। मां बंगलामुखी उपासना की जाती है। बहुत से राजनीतिज्ञ राजनीति में सफलता की प्राप्ति हेतु इस समय बंगलामुखी अनुष्ठान विधिवत करवाते हैं।

इन्‍हीं द‍िनों में साबर मंत्र की सिद्धि भी की जाती है। वहीं अष्टमी की रात्रि में दुर्गासप्तशती के प्रत्येक मंत्र को विधिवत सिद्ध किया जाता है। सप्तश्लोकी दुर्गा के पाठ का 108 बार अष्टमी की रात्रि में पाठ करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। त्रिक मंत्रों में ग्रहों के बीज मंत्र के तांत्रिक प्रयोग भी होते हैं। नव ग्रहों की लकड़ियों से हवन करके नवों ग्रहों को प्रसन्न किया जाता है। महामृत्युंजय मंत्र की साधना भी की जाती है। इस मंत्र के साथ साथ लघु मृत्युंजय मंत्र की साधना भी की जाती है।

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मां मातंगी की साधना 
ज्‍योति‍षाचार्य सुजीत महाराज कहते हैं क‍ि तांत्रिक साधनाओं में एक दुर्लभ साधना होती है मातंगी साधना। मातंगी देवी श्यामवर्ण और त्रिनयन धारिणी हैं और रत्नजटित सिंघासन पर विराजमान हैं
ये है मातंगी मंत्र –
ॐ ह्लीं क्लीं हूँ मातङ्गी फट्ट स्वाहा।

इस मंत्र की 6000 की जप संख्या होती है। दशांश हवन घी, शर्करा और मधुमिश्रित ब्रम्हवृक्ष की समिधा से हवन करना चाहिए। इस साधना का उद्देश्य धन तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। वहीं कमला स्तोत्र का पाठ करके हवन करें।

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जानें ये तांत्र‍िक साधनाएं भी 
एक अदभुत तांत्रिक साधना होती है अष्टनायिका साधना जिसे अर्धरात्रि में सिद्ध करते हैं। इसके अलावा एक और सरल साधना है –
ॐ नमः शान्ते प्रशांते ॐ ह्लीं हां सर्व क्रोध प्रश्मनी स्वाहा।
पीपल के वृक्ष के नीचे माता की मूर्ति रखके या अपने घर के मंदिर में मात्र 21 बार इस मंत्र को पढ़ देने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मन के विकार नष्ट होते हैं। इस मंत्र की साधना आसान है और इसका जाप कोई भी कर सकता है।

इस प्रकार कई तांत्रिक मंत्रों के प्रयोग के साथ साथ नव ग्रह के यंत्र,वीसा यंत्र जो कि बहुत पावरफुल होता है और महामृत्युंजय यंत्र यदि नवरात्र में बनाए जाते और सिद्ध किए जाते हैं। बंगलामुखी यंत्र और चौतीसा यंत्र भी नवरात्र में बनाए  जाते हैं।

साप्‍ताहिक राश‍िफल 25 से 31 मार्च

नवरात्रों की धूम के बाद इस हफ्ते हनुमान जयंती का उत्‍साह रहेगा। वैसे कन्‍या राश‍ि इस बार बजरंग बली की खास कृपा है। जानें बाकी राश‍ियों के ल‍िए कैसा रहेगा ये हफ्ता –

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नई द‍िल्‍ली : नवरात्र‍ि में मां की पूजन के बाद अभी भक्‍त‍ि का माहौल इस हफ्ते भी रहेगा। 31 मार्च को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। राम जी के अनन्‍य भक्‍त की पूजा पूरे विधान से करने पर शुभ फल देती है। उनका आशीर्वाद तो सभी पर रहेगा ही लेकिन कुछ राश‍ियों के सामने इस हफ्ते बड़े फैसले करने की चुनौती आ सकती है। ऐसे में अपनी आत्‍मा की आवाज सुनें। ये सदैव सत्य होती है।हमें उसी आवाज को ही सुनना चाहिए।आप निर्णय लेने में कोई जल्दबाजी मत करें।

साथ ही दान करें। वहीं गो सेवा से भी पुण्‍य प्राप्‍ति की जा सकती है। ज्‍योतिषाचर्य सुजीत महाराज से जानें 25 से 31 मार्च 2018 के बीच किन राश‍ियों की किस्‍मत का ताला खुलने वाला और किस उपाय से उनके लिए राह आसान बनेगी –

मेष
सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यह सप्ताह बहुत कार्य करने और जाब में व्यस्तताओं का है। कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे। किसी कन्या या मिथुन राशि के मित्र के सहयोग से आपका कोई विशेष कार्य होगा। लाल रंग शुभ है। ससुराल से लाभ की प्राप्ति। राजनीति से सम्बद्ध लोग बगलामुखी उपासना करते रहें। धार्मिक यात्रा हो सकती है। शिक्षा में उन्नति। गृह कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे।

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वृष
पद और प्रतिष्ठा बनी रहेगी। जीवन पथ पर आने वाली कठिनाइयां समाप्त होंगी। इस सप्ताह आप एक नई  ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है। किसी कन्या या मिथुन राशि के व्यक्ति का सहयोग लें। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। मंगल आपको उदर और रक्त विकार दे सकता है। श्री हनुमान जी की पूजा करते रहें। गेहूं का दान करें। इस सप्ताह किसी बड़े समारोह में पुरस्कृत हो सकते हैं। पत्नी का सहयोग प्राप्त होगा।

मिथुन
धन का व्यय बढ़ेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। तुला और वृष आज आपकी मित्र हैं। किसी बड़े नेता से  मुलाकात हो सकती है। हरा रंग शुभ है। पिता का आशीर्वाद प्राप्त करें। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। भाई का सहयोग प्राप्त होगा। राजनीति से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे। प्रशासनिक कार्य पूर्ण होंगे। गो माता को पालक खिलाएं। धार्मिक यात्रा होगी।

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कर्क
यश तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि। किसी मीन या धनु राशि से सहयोग मिल सकता है। ये दोनों आपकी मित्र राशियां हैं। स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है। छात्र पीले रंग का प्रयोग करें। माता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें। धन का आगमन। किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई सरकारी कार्य बनेगा।

सिंह
आपके पास कार्यों की अधिकता रहेगी। धन का व्यय भी  कुछ ज्यादा ही रहेगा। कोई बिगड़ा कार्य अकस्मात किसी उच्च अधिकारी के सहयोग से संपन्न हो जायेगा। पीला और नारंगी आपका प्रिय शुभ रंग है। शासन से लाभ। यदि कोई बात आपके मन को परेशान कर रही है तो इसकी अभिव्यक्ति बहुत आवश्यक है। सूर्य उपासना करते रहें।

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कन्या
किसी प्रिय मित्र से मुलाकात होगी। राह के शूल भी फूल बनेंगे। आप अपने किसी विशेष कार्य को लेकर परेशान रहेंगे। भाई की सहायता से कोई बड़ी समस्या हल होगी। हरा रंग शुभ है। श्री हनुमान जी का ध्यान करते रहें। गो माता को पालक खिलाएं।

तुला
यह सप्ताह संघर्ष के बाद सफलता का है। किसी कन्या या मिथुन राशि का सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके मन में धार्मिकता और पूजा पाठ के प्रति लगाव बना रहेगा। नीला रंग शुभ है। भाई के सहयोग से कोई सरकारी कार्य हल होगा। धन की प्राप्ति। राजनीति में सफलता की प्राप्ति और उच्च नेताओं से सहयोग प्राप्त होगा।

वृश्चिक
व्यवसाय में सफलता। व्यापार में वृद्धि। किसी मीन या धनु जैसी मित्र राशियों के जातकों का सहयोग। किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई बड़ा कार्य बनेगा। नारंगी रंग शुभ है। बहते जल में नारियल प्रवाहित करें। धन का आगमन होगा। ससुराल का सहयोग मिलेगा। मंगल की वस्तुएं गेहूं और मसूर की दाल का मंगलवार को दान करें।

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धनु
इस सप्ताह आपके पास कोई आय प्राप्ति के नए स्रोत बनेंगे। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। भाई के सहयोग से कोई बड़ा कार्य संपन्न होगा। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। व्यवसाय वृद्धि। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। प्रेम में विश्वास को बनाये रखें। जीवन साथी के साथ रोमांटिक यात्रा हो सकती है। पीला रंग शुभ है।

मकर
किसी सरकारी कार्य की सफलता से मन हर्षित रहेगा। व्यवसाय में प्रगति। भाई के सहयोग से कोई बड़े उद्देश्य की प्राप्ति होगी। न्यायिक कार्यों में भी सफलता मिलेगी। नीला रंग शुभ है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। उदर विकार से कष्ट। राजनीतिज्ञों को लाभ। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा।

कुंभ
सरकारी कार्य बनेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन हर्षित रहेगा। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा। नीला रंग शुभ है। गृह कार्यों में व्यस्त रहेंगे। संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा। किसी कन्या या मिथुन राशि का शख्स नया बिजनेस का सफल प्रस्ताव ला सकता है। माता का आशीर्वाद प्राप्त करें।

मीन
धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। बी पी तथा मधुमेह के रोगी अति सावधानी बरतें। छात्रों को नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी। नारंगी रंग शुभ है। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पिता का आशीर्वाद लें।

साप्‍ताहिक राश‍िफल 25 से 31 मार्च

नवरात्रों की धूम के बाद इस हफ्ते हनुमान जयंती का उत्‍साह रहेगा। वैसे कन्‍या राश‍ि इस बार बजरंग बली की खास कृपा है। जानें बाकी राश‍ियों के ल‍िए कैसा रहेगा ये हफ्ता –

weekly horoscope 25th to 31st March 2018 zodiac sun signs libra kanya virgo aries scorpio gemini

नई द‍िल्‍ली : नवरात्र‍ि में मां की पूजन के बाद अभी भक्‍त‍ि का माहौल इस हफ्ते भी रहेगा। 31 मार्च को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। राम जी के अनन्‍य भक्‍त की पूजा पूरे विधान से करने पर शुभ फल देती है। उनका आशीर्वाद तो सभी पर रहेगा ही लेकिन कुछ राश‍ियों के सामने इस हफ्ते बड़े फैसले करने की चुनौती आ सकती है। ऐसे में अपनी आत्‍मा की आवाज सुनें। ये सदैव सत्य होती है।हमें उसी आवाज को ही सुनना चाहिए।आप निर्णय लेने में कोई जल्दबाजी मत करें।

साथ ही दान करें। वहीं गो सेवा से भी पुण्‍य प्राप्‍ति की जा सकती है। ज्‍योतिषाचर्य सुजीत महाराज से जानें 25 से 31 मार्च 2018 के बीच किन राश‍ियों की किस्‍मत का ताला खुलने वाला और किस उपाय से उनके लिए राह आसान बनेगी –

मेष
सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यह सप्ताह बहुत कार्य करने और जाब में व्यस्तताओं का है। कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे। किसी कन्या या मिथुन राशि के मित्र के सहयोग से आपका कोई विशेष कार्य होगा। लाल रंग शुभ है। ससुराल से लाभ की प्राप्ति। राजनीति से सम्बद्ध लोग बगलामुखी उपासना करते रहें। धार्मिक यात्रा हो सकती है। शिक्षा में उन्नति। गृह कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे।

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वृष
पद और प्रतिष्ठा बनी रहेगी। जीवन पथ पर आने वाली कठिनाइयां समाप्त होंगी। इस सप्ताह आप एक नई  ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है। किसी कन्या या मिथुन राशि के व्यक्ति का सहयोग लें। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। मंगल आपको उदर और रक्त विकार दे सकता है। श्री हनुमान जी की पूजा करते रहें। गेहूं का दान करें। इस सप्ताह किसी बड़े समारोह में पुरस्कृत हो सकते हैं। पत्नी का सहयोग प्राप्त होगा।

मिथुन
धन का व्यय बढ़ेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। तुला और वृष आज आपकी मित्र हैं। किसी बड़े नेता से  मुलाकात हो सकती है। हरा रंग शुभ है। पिता का आशीर्वाद प्राप्त करें। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। भाई का सहयोग प्राप्त होगा। राजनीति से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे। प्रशासनिक कार्य पूर्ण होंगे। गो माता को पालक खिलाएं। धार्मिक यात्रा होगी।

Also Read : यदि घर में होती है पिता और संतान के बीच अनबन, तो हो सकते हैं ये वास्तुदोष

कर्क
यश तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि। किसी मीन या धनु राशि से सहयोग मिल सकता है। ये दोनों आपकी मित्र राशियां हैं। स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है। छात्र पीले रंग का प्रयोग करें। माता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें। धन का आगमन। किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई सरकारी कार्य बनेगा।

सिंह
आपके पास कार्यों की अधिकता रहेगी। धन का व्यय भी  कुछ ज्यादा ही रहेगा। कोई बिगड़ा कार्य अकस्मात किसी उच्च अधिकारी के सहयोग से संपन्न हो जायेगा। पीला और नारंगी आपका प्रिय शुभ रंग है। शासन से लाभ। यदि कोई बात आपके मन को परेशान कर रही है तो इसकी अभिव्यक्ति बहुत आवश्यक है। सूर्य उपासना करते रहें।

Also Read : ये हैं मां दुर्गा के 32 नाम, बना देंगे सभी बिगड़े काम

कन्या
किसी प्रिय मित्र से मुलाकात होगी। राह के शूल भी फूल बनेंगे। आप अपने किसी विशेष कार्य को लेकर परेशान रहेंगे। भाई की सहायता से कोई बड़ी समस्या हल होगी। हरा रंग शुभ है। श्री हनुमान जी का ध्यान करते रहें। गो माता को पालक खिलाएं।

तुला
यह सप्ताह संघर्ष के बाद सफलता का है। किसी कन्या या मिथुन राशि का सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके मन में धार्मिकता और पूजा पाठ के प्रति लगाव बना रहेगा। नीला रंग शुभ है। भाई के सहयोग से कोई सरकारी कार्य हल होगा। धन की प्राप्ति। राजनीति में सफलता की प्राप्ति और उच्च नेताओं से सहयोग प्राप्त होगा।

वृश्चिक
व्यवसाय में सफलता। व्यापार में वृद्धि। किसी मीन या धनु जैसी मित्र राशियों के जातकों का सहयोग। किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई बड़ा कार्य बनेगा। नारंगी रंग शुभ है। बहते जल में नारियल प्रवाहित करें। धन का आगमन होगा। ससुराल का सहयोग मिलेगा। मंगल की वस्तुएं गेहूं और मसूर की दाल का मंगलवार को दान करें।

Also Read : हनुमान जी पर क्‍यों चढ़ाते हैं सिंदूरी चोला, जानें क्‍या है इसकी व‍िध‍ि

धनु
इस सप्ताह आपके पास कोई आय प्राप्ति के नए स्रोत बनेंगे। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। भाई के सहयोग से कोई बड़ा कार्य संपन्न होगा। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। व्यवसाय वृद्धि। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। प्रेम में विश्वास को बनाये रखें। जीवन साथी के साथ रोमांटिक यात्रा हो सकती है। पीला रंग शुभ है।

मकर
किसी सरकारी कार्य की सफलता से मन हर्षित रहेगा। व्यवसाय में प्रगति। भाई के सहयोग से कोई बड़े उद्देश्य की प्राप्ति होगी। न्यायिक कार्यों में भी सफलता मिलेगी। नीला रंग शुभ है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। उदर विकार से कष्ट। राजनीतिज्ञों को लाभ। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा।

कुंभ
सरकारी कार्य बनेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन हर्षित रहेगा। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा। नीला रंग शुभ है। गृह कार्यों में व्यस्त रहेंगे। संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा। किसी कन्या या मिथुन राशि का शख्स नया बिजनेस का सफल प्रस्ताव ला सकता है। माता का आशीर्वाद प्राप्त करें।

मीन
धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। बी पी तथा मधुमेह के रोगी अति सावधानी बरतें। छात्रों को नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी। नारंगी रंग शुभ है। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पिता का आशीर्वाद लें।

साप्‍ताहिक राश‍िफल 25 से 31 मार्च

नवरात्रों की धूम के बाद इस हफ्ते हनुमान जयंती का उत्‍साह रहेगा। वैसे कन्‍या राश‍ि इस बार बजरंग बली की खास कृपा है। जानें बाकी राश‍ियों के ल‍िए कैसा रहेगा ये हफ्ता –

weekly horoscope 25th to 31st March 2018 zodiac sun signs libra kanya virgo aries scorpio gemini

नई द‍िल्‍ली : नवरात्र‍ि में मां की पूजन के बाद अभी भक्‍त‍ि का माहौल इस हफ्ते भी रहेगा। 31 मार्च को हनुमान जयंती मनाई जा रही है। राम जी के अनन्‍य भक्‍त की पूजा पूरे विधान से करने पर शुभ फल देती है। उनका आशीर्वाद तो सभी पर रहेगा ही लेकिन कुछ राश‍ियों के सामने इस हफ्ते बड़े फैसले करने की चुनौती आ सकती है। ऐसे में अपनी आत्‍मा की आवाज सुनें। ये सदैव सत्य होती है।हमें उसी आवाज को ही सुनना चाहिए।आप निर्णय लेने में कोई जल्दबाजी मत करें।

साथ ही दान करें। वहीं गो सेवा से भी पुण्‍य प्राप्‍ति की जा सकती है। ज्‍योतिषाचर्य सुजीत महाराज से जानें 25 से 31 मार्च 2018 के बीच किन राश‍ियों की किस्‍मत का ताला खुलने वाला और किस उपाय से उनके लिए राह आसान बनेगी –

मेष
सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यह सप्ताह बहुत कार्य करने और जाब में व्यस्तताओं का है। कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे। किसी कन्या या मिथुन राशि के मित्र के सहयोग से आपका कोई विशेष कार्य होगा। लाल रंग शुभ है। ससुराल से लाभ की प्राप्ति। राजनीति से सम्बद्ध लोग बगलामुखी उपासना करते रहें। धार्मिक यात्रा हो सकती है। शिक्षा में उन्नति। गृह कार्यों की अधिकता से परेशान रहेंगे।

Also Read : शुभ कार्यों में जरूर रखे जाते हैं आम के पत्‍ते, जानें कैसे दिलाते हैं हनुमान की कृपा

वृष
पद और प्रतिष्ठा बनी रहेगी। जीवन पथ पर आने वाली कठिनाइयां समाप्त होंगी। इस सप्ताह आप एक नई  ऊर्जा के साथ कार्य करेंगे।स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है। किसी कन्या या मिथुन राशि के व्यक्ति का सहयोग लें। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। मंगल आपको उदर और रक्त विकार दे सकता है। श्री हनुमान जी की पूजा करते रहें। गेहूं का दान करें। इस सप्ताह किसी बड़े समारोह में पुरस्कृत हो सकते हैं। पत्नी का सहयोग प्राप्त होगा।

मिथुन
धन का व्यय बढ़ेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। तुला और वृष आज आपकी मित्र हैं। किसी बड़े नेता से  मुलाकात हो सकती है। हरा रंग शुभ है। पिता का आशीर्वाद प्राप्त करें। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। भाई का सहयोग प्राप्त होगा। राजनीति से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे। प्रशासनिक कार्य पूर्ण होंगे। गो माता को पालक खिलाएं। धार्मिक यात्रा होगी।

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कर्क
यश तथा सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि। किसी मीन या धनु राशि से सहयोग मिल सकता है। ये दोनों आपकी मित्र राशियां हैं। स्वच्छ सफ़ेद रंग शुभ है। छात्र पीले रंग का प्रयोग करें। माता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें। धन का आगमन। किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई सरकारी कार्य बनेगा।

सिंह
आपके पास कार्यों की अधिकता रहेगी। धन का व्यय भी  कुछ ज्यादा ही रहेगा। कोई बिगड़ा कार्य अकस्मात किसी उच्च अधिकारी के सहयोग से संपन्न हो जायेगा। पीला और नारंगी आपका प्रिय शुभ रंग है। शासन से लाभ। यदि कोई बात आपके मन को परेशान कर रही है तो इसकी अभिव्यक्ति बहुत आवश्यक है। सूर्य उपासना करते रहें।

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कन्या
किसी प्रिय मित्र से मुलाकात होगी। राह के शूल भी फूल बनेंगे। आप अपने किसी विशेष कार्य को लेकर परेशान रहेंगे। भाई की सहायता से कोई बड़ी समस्या हल होगी। हरा रंग शुभ है। श्री हनुमान जी का ध्यान करते रहें। गो माता को पालक खिलाएं।

तुला
यह सप्ताह संघर्ष के बाद सफलता का है। किसी कन्या या मिथुन राशि का सहयोग प्राप्त होगा। इस सप्ताह आपके मन में धार्मिकता और पूजा पाठ के प्रति लगाव बना रहेगा। नीला रंग शुभ है। भाई के सहयोग से कोई सरकारी कार्य हल होगा। धन की प्राप्ति। राजनीति में सफलता की प्राप्ति और उच्च नेताओं से सहयोग प्राप्त होगा।

वृश्चिक
व्यवसाय में सफलता। व्यापार में वृद्धि। किसी मीन या धनु जैसी मित्र राशियों के जातकों का सहयोग। किसी पुराने मित्र के सहयोग से कोई बड़ा कार्य बनेगा। नारंगी रंग शुभ है। बहते जल में नारियल प्रवाहित करें। धन का आगमन होगा। ससुराल का सहयोग मिलेगा। मंगल की वस्तुएं गेहूं और मसूर की दाल का मंगलवार को दान करें।

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धनु
इस सप्ताह आपके पास कोई आय प्राप्ति के नए स्रोत बनेंगे। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। भाई के सहयोग से कोई बड़ा कार्य संपन्न होगा। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। व्यवसाय वृद्धि। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। प्रेम में विश्वास को बनाये रखें। जीवन साथी के साथ रोमांटिक यात्रा हो सकती है। पीला रंग शुभ है।

मकर
किसी सरकारी कार्य की सफलता से मन हर्षित रहेगा। व्यवसाय में प्रगति। भाई के सहयोग से कोई बड़े उद्देश्य की प्राप्ति होगी। न्यायिक कार्यों में भी सफलता मिलेगी। नीला रंग शुभ है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। उदर विकार से कष्ट। राजनीतिज्ञों को लाभ। संतान की सफलता से मन प्रसन्न रहेगा।

कुंभ
सरकारी कार्य बनेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से मन हर्षित रहेगा। शिक्षा तथा प्रतियोगिता में सफलता की प्राप्ति। धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा। नीला रंग शुभ है। गृह कार्यों में व्यस्त रहेंगे। संतान की सफलता से मन हर्षित रहेगा। किसी कन्या या मिथुन राशि का शख्स नया बिजनेस का सफल प्रस्ताव ला सकता है। माता का आशीर्वाद प्राप्त करें।

मीन
धन का व्यय कुछ ज्यादा ही होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। बी पी तथा मधुमेह के रोगी अति सावधानी बरतें। छात्रों को नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी। नारंगी रंग शुभ है। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पिता का आशीर्वाद लें।

नवरात्र‍ि में क्‍यों होता है कन्‍या पूजन

नवरात्रि जब समापन की ओर आती हैं तब कन्‍या पूजन किया जाता है। अष्‍टमी या फ‍िर नवमी पर होने वाले इस पूजन के बारे में जानें ये खास बातें…

Navratri kanya ashtami pujan kanjak vidhi Chaitra Shardiya navratri kaise karte hain kanya pujan

मान्‍यता है कन्‍या पूजन के बिना नवरात्रि पूजा के फल की प्राप्‍ति नहीं होती |तस्वीर साभार: BCCL

नई द‍िल्‍ली : नवरात्र‍ि के नौ द‍िन जहां मां के अलग-अलग स्‍वरूपों की पूजा की जाती है, वहीं इनके समापन पर कन्‍या पूजन करने की परंपरा है। इसका एक प्रचलित नाम कंजक भी है और इसे अष्‍टमी या फ‍िर नवमी पर किया जाता है। इस द‍िन छोटी बच्‍च‍ियों को देवी का रूप मान कर पूजा जाता है। साथ ही इनके चरण छूकर आशीर्वाद ल‍िया जाता है। माना जाता है क‍ि उनका आशीर्वाद मां की कृपा लेकर आता है। इसलिए जो लोग नवरात्र में व्रत नहीं भी रखते, वे भी कन्‍या पूजन जरूर करते हैं।

कन्‍या पूजन के साथ ही जरूरी है कि इसे पूरी व‍िध‍ि से किया जाए और इसके ल‍िए बनाए गए न‍ियमों का ध्‍यान रखा जाए। ऐसा न करने पर मां रुष्‍ट हो सकती हैं। कन्‍या पूजन की शुरुआत कन्‍याओं के चरण धोने से होती है। इसके बाद उनको भोजन भी पूरी श्रद्धा से कराना चाहिए। साथ ही उनसे आशीर्वाद भी झुककर लेना चाहिए। सत्य और समर्पण भाव से उनको माता ही मानकर उनके आशीर्वाद को स्वीकार करने की परंपरा चली आ रही है।

 

 

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जानें Navratri में Kanya Pujan की सही व‍िधि
सुजीत महाराज कहते हैं कि कन्‍या पूजन के बिना नवरात्रि पूजा के फल की प्राप्‍ति नहीं होती है। नवरात्र शक्ति उपासना का पर्व है।देवी पूजा के साथ साथ प्रतीक रूप में कन्या को देवी मानके उनके चरणों का पूजन करने से माता शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कंजक में 9 कन्‍याओं को जरूर बैठाएं।

  • सर्वप्रथम कन्याओं का चरण फूल की थाली में जल में डालकर उसको धोएं। मान्‍यता है कि ऐसा करने से पापों का शमन होता है।
  • फिर उनको तिलक लगाकर पंक्तिबद्ध बैठाएं। हाथ में रक्षासूत्र बांधें और उनके चरणों में पुष्प अर्पित करें।
  • इसके पश्चात नई थाली (इसलिए कंजक में अक्‍सर थाली या टिफ‍िन द‍िया जाता है) में कन्‍याओं को पूड़ी, हलवा, चना इत्यादि भोजन श्रद्धा पूर्वक परोसें। फिर मिष्ठान और प्रसाद देकर कुछ द्रव्य और वस्त्र का दान करें।
  • जब कन्‍याएं भोजन कर लें तो उन्‍हें शक्तिस्वरूपा देवी मानकर पुनः उनकी आरती करें और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

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नवरात्र में जलाएं अखंड ज्‍योति 
नवरात्रों में नौ दिनों तक देवी माता जी का विशेष श्रृंगार करना चाहिए। चोला, फूलों की माला, हार और नए कपड़ों से माता जी का श्रृंगार किया जाता है। वहीं नवरात्र में देशी गाय के घी से अखंड ज्योति जलाना मां भगवती को बहुत प्रसन्न करने वाला कार्य होता है। लेकिन अगर गाय का घी नहीं है तो अन्य घी से माता की अखंड ज्योति पूजा स्थान पर जरूर जलानी चाहिए।

नवरात्र‍ि में क्‍यों होता है कन्‍या पूजन

नवरात्रि जब समापन की ओर आती हैं तब कन्‍या पूजन किया जाता है। अष्‍टमी या फ‍िर नवमी पर होने वाले इस पूजन के बारे में जानें ये खास बातें…

Navratri kanya ashtami pujan kanjak vidhi Chaitra Shardiya navratri kaise karte hain kanya pujan

मान्‍यता है कन्‍या पूजन के बिना नवरात्रि पूजा के फल की प्राप्‍ति नहीं होती |तस्वीर साभार: BCCL

नई द‍िल्‍ली : नवरात्र‍ि के नौ द‍िन जहां मां के अलग-अलग स्‍वरूपों की पूजा की जाती है, वहीं इनके समापन पर कन्‍या पूजन करने की परंपरा है। इसका एक प्रचलित नाम कंजक भी है और इसे अष्‍टमी या फ‍िर नवमी पर किया जाता है। इस द‍िन छोटी बच्‍च‍ियों को देवी का रूप मान कर पूजा जाता है। साथ ही इनके चरण छूकर आशीर्वाद ल‍िया जाता है। माना जाता है क‍ि उनका आशीर्वाद मां की कृपा लेकर आता है। इसलिए जो लोग नवरात्र में व्रत नहीं भी रखते, वे भी कन्‍या पूजन जरूर करते हैं।

कन्‍या पूजन के साथ ही जरूरी है कि इसे पूरी व‍िध‍ि से किया जाए और इसके ल‍िए बनाए गए न‍ियमों का ध्‍यान रखा जाए। ऐसा न करने पर मां रुष्‍ट हो सकती हैं। कन्‍या पूजन की शुरुआत कन्‍याओं के चरण धोने से होती है। इसके बाद उनको भोजन भी पूरी श्रद्धा से कराना चाहिए। साथ ही उनसे आशीर्वाद भी झुककर लेना चाहिए। सत्य और समर्पण भाव से उनको माता ही मानकर उनके आशीर्वाद को स्वीकार करने की परंपरा चली आ रही है।

 

 

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जानें Navratri में Kanya Pujan की सही व‍िधि
सुजीत महाराज कहते हैं कि कन्‍या पूजन के बिना नवरात्रि पूजा के फल की प्राप्‍ति नहीं होती है। नवरात्र शक्ति उपासना का पर्व है।देवी पूजा के साथ साथ प्रतीक रूप में कन्या को देवी मानके उनके चरणों का पूजन करने से माता शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कंजक में 9 कन्‍याओं को जरूर बैठाएं।

  • सर्वप्रथम कन्याओं का चरण फूल की थाली में जल में डालकर उसको धोएं। मान्‍यता है कि ऐसा करने से पापों का शमन होता है।
  • फिर उनको तिलक लगाकर पंक्तिबद्ध बैठाएं। हाथ में रक्षासूत्र बांधें और उनके चरणों में पुष्प अर्पित करें।
  • इसके पश्चात नई थाली (इसलिए कंजक में अक्‍सर थाली या टिफ‍िन द‍िया जाता है) में कन्‍याओं को पूड़ी, हलवा, चना इत्यादि भोजन श्रद्धा पूर्वक परोसें। फिर मिष्ठान और प्रसाद देकर कुछ द्रव्य और वस्त्र का दान करें।
  • जब कन्‍याएं भोजन कर लें तो उन्‍हें शक्तिस्वरूपा देवी मानकर पुनः उनकी आरती करें और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

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नवरात्र में जलाएं अखंड ज्‍योति 
नवरात्रों में नौ दिनों तक देवी माता जी का विशेष श्रृंगार करना चाहिए। चोला, फूलों की माला, हार और नए कपड़ों से माता जी का श्रृंगार किया जाता है। वहीं नवरात्र में देशी गाय के घी से अखंड ज्योति जलाना मां भगवती को बहुत प्रसन्न करने वाला कार्य होता है। लेकिन अगर गाय का घी नहीं है तो अन्य घी से माता की अखंड ज्योति पूजा स्थान पर जरूर जलानी चाहिए।

नवरात्र‍ि में क्‍यों होता है कन्‍या पूजन

नवरात्रि जब समापन की ओर आती हैं तब कन्‍या पूजन किया जाता है। अष्‍टमी या फ‍िर नवमी पर होने वाले इस पूजन के बारे में जानें ये खास बातें…

Navratri kanya ashtami pujan kanjak vidhi Chaitra Shardiya navratri kaise karte hain kanya pujan

मान्‍यता है कन्‍या पूजन के बिना नवरात्रि पूजा के फल की प्राप्‍ति नहीं होती |तस्वीर साभार: BCCL

नई द‍िल्‍ली : नवरात्र‍ि के नौ द‍िन जहां मां के अलग-अलग स्‍वरूपों की पूजा की जाती है, वहीं इनके समापन पर कन्‍या पूजन करने की परंपरा है। इसका एक प्रचलित नाम कंजक भी है और इसे अष्‍टमी या फ‍िर नवमी पर किया जाता है। इस द‍िन छोटी बच्‍च‍ियों को देवी का रूप मान कर पूजा जाता है। साथ ही इनके चरण छूकर आशीर्वाद ल‍िया जाता है। माना जाता है क‍ि उनका आशीर्वाद मां की कृपा लेकर आता है। इसलिए जो लोग नवरात्र में व्रत नहीं भी रखते, वे भी कन्‍या पूजन जरूर करते हैं।

कन्‍या पूजन के साथ ही जरूरी है कि इसे पूरी व‍िध‍ि से किया जाए और इसके ल‍िए बनाए गए न‍ियमों का ध्‍यान रखा जाए। ऐसा न करने पर मां रुष्‍ट हो सकती हैं। कन्‍या पूजन की शुरुआत कन्‍याओं के चरण धोने से होती है। इसके बाद उनको भोजन भी पूरी श्रद्धा से कराना चाहिए। साथ ही उनसे आशीर्वाद भी झुककर लेना चाहिए। सत्य और समर्पण भाव से उनको माता ही मानकर उनके आशीर्वाद को स्वीकार करने की परंपरा चली आ रही है।

 

 

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जानें Navratri में Kanya Pujan की सही व‍िधि
सुजीत महाराज कहते हैं कि कन्‍या पूजन के बिना नवरात्रि पूजा के फल की प्राप्‍ति नहीं होती है। नवरात्र शक्ति उपासना का पर्व है।देवी पूजा के साथ साथ प्रतीक रूप में कन्या को देवी मानके उनके चरणों का पूजन करने से माता शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कंजक में 9 कन्‍याओं को जरूर बैठाएं।

  • सर्वप्रथम कन्याओं का चरण फूल की थाली में जल में डालकर उसको धोएं। मान्‍यता है कि ऐसा करने से पापों का शमन होता है।
  • फिर उनको तिलक लगाकर पंक्तिबद्ध बैठाएं। हाथ में रक्षासूत्र बांधें और उनके चरणों में पुष्प अर्पित करें।
  • इसके पश्चात नई थाली (इसलिए कंजक में अक्‍सर थाली या टिफ‍िन द‍िया जाता है) में कन्‍याओं को पूड़ी, हलवा, चना इत्यादि भोजन श्रद्धा पूर्वक परोसें। फिर मिष्ठान और प्रसाद देकर कुछ द्रव्य और वस्त्र का दान करें।
  • जब कन्‍याएं भोजन कर लें तो उन्‍हें शक्तिस्वरूपा देवी मानकर पुनः उनकी आरती करें और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

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नवरात्र में जलाएं अखंड ज्‍योति 
नवरात्रों में नौ दिनों तक देवी माता जी का विशेष श्रृंगार करना चाहिए। चोला, फूलों की माला, हार और नए कपड़ों से माता जी का श्रृंगार किया जाता है। वहीं नवरात्र में देशी गाय के घी से अखंड ज्योति जलाना मां भगवती को बहुत प्रसन्न करने वाला कार्य होता है। लेकिन अगर गाय का घी नहीं है तो अन्य घी से माता की अखंड ज्योति पूजा स्थान पर जरूर जलानी चाहिए।

नीता अंबानी के लकी नंबर से जुड़ी है मुकेश अंबानी की सक्सेस

नीता अंबानी के लकी नंबर से जुड़ी है मुकेश अंबानी की सक्सेस, ये अंक वाले बनते हैं अरबपति

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मुकेश अंबानी एशिया में अमीरों की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं। मुकेश की इस सफलता के पीछे उनकी पत्नी नीता अंबानी की बर्थडेट भी एक अहम फैक्टर है।

मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी

मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी |तस्वीर साभार: TOI Archives

मुंबई. एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति और रि‍लायंस इंडस्‍ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी आज (19 अप्रैल) 61 साल के हो गए हैं। मुकेश की इस सफलता के पीछे उनकी  बर्थडेट भी एक अहम फैक्टर है। दरअसल न्यूमरोलॉजी (अंकज्‍योतिष) में कुछ तारीख पर पैदा होने वाले लोगों को सफल बिजनेसमैन माना जाता है। मुकेश अंबानी का जन्मदिन 19 अप्रैल हैं। इस‍ लिहाज से न्‍यूमरोलॉजी में उनका अंक 1 है। नीता अंबानी का जन्म 1 नवंबर 1963 को हुआ था।

न्यूमरोलॉजिस्ट महर्षि सुजीत जी महाराज के मुताबिक जो व्यक्ति किसी भी वर्ष के किसी भी महीने में 01,10,19 और 28 तारीख को जन्म लेते हैं उनका नंबर 01 होगा। ऐसे में मुकेश और नीता अंबानी का  नंबर एक है। 01 अंक के जातक कला और साहित्य के फील्ड में सफल होते हैं।बिज़नेस लीडर होते हैं। फ़िल्म राइटिंग और एक्टिंग में बहुत ही नाम और प्रतिष्ठा कमाते हैं।  ऐसे व्यक्ति बहुत ही परिश्रमी होते हैं और जो भी चीज मन में ठान लेते हैं उसको अवश्य पूर्ण करते हैं।कभी कभी बहुत जिद्द या किसी कार्य या बात को लेकर अड़ जाना इनका स्वभाव होता है।

सबसे अमीर कपल मुकेश और नीता अंबानी 

महर्षि सुजीत जी महाराज बताते हैं कि 01 अंक सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है। सूर्य के ही चारो ओर सारे ग्रह चक्कर लगाते हैं।ज्योतिष में सूर्य आत्मा और पिता का भी कारक ग्रह है।सूर्य प्रसिद्धि देता है।दृढ़ निश्चयी और अडिग बनाता है।इस दिन जन्म लेने वाले जातक बहुत ही महत्वाकांक्षी होते हैं। राजनीति का कारक ग्रह ही सूर्य है।प्रशासनिक सेवा में 01 जन्मांक के व्यक्ति बहुत मिलेंगे। इसके अलावा 1 अंक वाले प्यार में सम्पूर्णता चाहते हैं।इनको प्यार में पूरा विश्वास और समर्पण चाहिए।

mukesh and neeta

मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने भी कारोबार में हाथ बंटाया और वह उसमें सफल रही हैं। भारत के सबसे रईस व्यक्ति मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता इंडियन बिजनेस वर्ल्ड के सबसे अमीर कपल हैं।

ये बिजनेसमैन भी हैं 1 नंबर
न्यूमरोलॉजी में नंबर- 1 वाले लोगों की खासियत यह होती है कि वे अपनी लीडरशिप और मैनेजमेंट क्वालिटी के लिए देश-दुनिया में जाने जाते हैं। नंबर 1 वाले कारोबारियों की लिस्‍ट में मुकेश अंबानी और नीता अंबानी  के अलावा बिल गेट्स, रतन टाटा, धीरूभाई अंबानी आदि शामिल हैं।

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गायत्री जयंती पर जरूर करें ये 14 काम, दूर होंगे सभी कष्‍ट और जीवन में आएंगी खुशियां

 

gayti mantra

गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है। यह गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। इस दिन कुछ ऐसे खास काम जरूर करने चाहिये, जिससे मां गायत्री खुश होती हैं और कष्‍टों को दूर करती हैं।

 Gayatri Jayanti

Gayatri Jayanti |तस्वीर साभार: BCCL

सुजीत महाराज/नई द‍िल्‍ली : गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है जो प्रायः गंगा दशहरा के अगले दिन मनायी जाती है। एक अन्य मान्यता के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन भी यह पर्व मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की एकादशी शुक्रवार 25 मई 2018 को है।

गायत्री माता माँ गायत्री प्रज्ञा की देवी हैं। गायत्री जी का वाहन हंस है। मां गायत्री व्‍यक्‍ती के अदंर विवे को जागृत कर के अच्‍छे और बुरे का ज्ञान करवाती हैं। यह में सच्‍चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मां गायत्री के एक हाथ में पुस्‍तक और दूसरे हाथ में कमण्डल होता है। गायत्री मंत्र सबसे बड़ा मंत्र होता है। इसकी महिमा को सभी शास्त्रों, संप्रदायों और ऋषि-मुनियों ने एक स्वर में स्वीकार्य की है। गायत्री जयंती के दिन यदि पूरा फल पाना है तो गायत्री जयंती के दिन कुछ ऐसे काम करें जिससे उसका पूरा फल मिले।

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गायत्री जयन्ती को क्या करें

1. गायत्री मन्त्र का जप करके हवन करें।
2. सूर्य पूजा करें।
3. श्री आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें।
4. अन्न का दान करें।
5. गुड़ और गेहूं का दान करें।
6. पवित्र नदी में स्नान करें।
7. धार्मिक पुस्तक का दान करें।
8. इस दिन भंडारा करायें। लोगों को शीतल जल पिलायें।घर की छत पे  जल से भरा पात्र रखें जिससे चिड़ियों के कंठ तृप्त हो सकें।
9. सत्य बोलनें का प्रयास करें।
10.  फलाहार व्रत रहें।
11. किसी से कटु वाणी का प्रयोग मत करें।
13 .सूर्य के बीज मन्त्र का जप आपको प्रतिष्ठा दिलाएगा।
14. सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

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इस प्रकार गायत्री जयंती बहुत महत्वपूर्ण है।भगवान कृष्ण ने गीता में मंत्रों में अपने आपको गायत्री कहा है।अतः यह जयंती पुण्य प्राप्ति का महान अवसर प्रदान करती है।

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15 जनवरी को मकर संक्रांति Astro Facebook कुछ कार्य बहुत अच्छा भी कर देता है Meditation moon-eclipse Numerology Spiritual significance of Shravan month-- sujeet jee maharaj on india voice tv Tarot Vedicastrology Virgo Zodiac अग्रज श्री जितेंद्र त्रिपाठी सर को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं अयोध्या महोत्सव में आध्यात्मिक लेखन के लिए सम्मान आत्म आनंदित रहने में ही सुख इन राश‍ियों के ल‍िए ला रहा है कष्‍ट उपच्छाया चन्द्रग्रहण कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त।मेरे लिखे पूरे लेख को पढ़ें राष्ट्रीय सहारा में कार्तिक पूर्णिमा की बहुत शुभकामनाएं।आज मेरे लिखे वक्तव्य को पढ़ सकते हैं दैनिक जागरण में। कार्त‍िक पूर्ण‍िमा पर साल का आख‍िरी चंद्र ग्रहण काशी के विद्वान अनुज ज्योतिषियों व तांत्रिकों के साथ खग्रास चन्द्र ग्रहण दिनांक 08 नवम्बर को--सुजीत जी महाराज- गाय हमारी माता है चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव व दान-- चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से आरम्भ होगा जन्मकुंडली डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह जी को जन्मदिन की अनंत तथा अशेष शुभकामनाएं तीज 2 सितंबर को ही मनाना उचित रहेगा तुम हकीकत दीपावली 24 अक्टूबर पूजा का शुभ मुहूर्त-- धनतेरस पर राशि अनुरूप करें खरीदारी। पायनियर में मकर संक्रांति में उदया तिथि ली जाती है मार्कण्डेय धाम में पंडित प्रेम गिरी जी का साधना और विश्राम कक्ष मेरा लेख पढ़ें राष्ट्रीय सहारा में। रहीस मीडिया का सलाहकर बनाने के लिए बहुत बधाई लोगों की प्रगति देखकर बहुत प्रसन्नता वट वृक्ष की पूजा शिव मंदिर में रुद्राभिषेक श्राद्ध के अगले दिन से नवरात्रि पूजा नहीं कर पाएंगे।लगेगा पुरुषोत्तम मास श्री राम कथा संतकबीरनगर की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल जी को पुस्तक भेंट करते हुए।साथ में गुरुदेव डॉक्टर हरिद्वार शुक्ल जी सुजीत जी महाराज हरिशयनी एकादशी को व्रत होली की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं

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